'पटाखे कौन फोड़ रहा, मुझे गोली मार दी, मैं मर रहा हूं', बाबा सिद्धीकी मर्डर केस में बड़ा खुलासा
Baba Siddique Murder Case: वसीम मंसूरी नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने खुलासा करते हुए बताया कि जिस दिन मुंबई में बाबा सिद्दीकी पर गोली चली थी, उस दिन वो उनके बगल में ही खड़े थे.

Baba Siddique Murder Case Update: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या को लेकर वसीम मंसूरी नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने बड़ा खुलासा किया है. वसीम ने मुंबई पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह बाबा सिद्दीकी के एकदम बगल में खड़े थे, जब उन पर गोली चली. उन्होंने बताया कि हमें ऐसा लगा कि पटाखा फूटा है, तभी बाबा सिद्दीकी ने कहा, "मुझे गोली मार दी है मैं मर रहा हूं". उनके कपड़े खून से लथपथ दिखाई दिए.
वसीम मंसूरी ने कहा, ''मैं विधायक जीशान जियाउद्दीन सिद्दीकी के विधानसभा क्षेत्र के एक वार्ड का प्रतिनिधित्व करता हूं. विधायक जीशान सिद्दीकी के विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले मतदाताओं को अगर सफाई, अस्पताल से जुड़ी कोई समस्या होती है या किसी तरह की मदद की जरूरत होती है तो मैं विधायक जीशान सिद्दीकी की तरफ से उनसे संपर्क करता हूं और समस्या लेकर आने वाले लोगों को मदद पहुंचाने का काम करता हूं.''
मैं जीशान सिद्धीकी के साथ 7 सालों से काम कर रहा- मंसूरी
उन्होंने कहा, ''मैं जीशान सिद्धीकी के साथ पिछले 7 सालों से काम कर रहा हूं. दिनभर अपने दफ्तर में काम करता हूं और शाम को उनसे मिलता हूं. मैं 12 अक्टूबर को शाम साढ़े सात बजे जब मैं जीशान सिद्दीकी के ऑफिस गया तो विधायक जीशान सिद्दीकी और उनके पिता बाबा सिद्दीकी वहां बैठे थे. इसके बाद मैं कुछ कार्यकर्ताओं को लेकर दफ्तर में जीशान से मिला. फिर मैं उनके ऑफिस के बाहर बैठ गया. उस समय सुहैल सिद्दीकी और फहीम सैयद वहां मौजूद थे.
वसीम मंसूरी का बड़ा खुलासा
मंसूरी ने कहा, ''रात 9:30 बजे के करीब विधायक जीशान दफ्तर से निकल गए. लेकिन चूंकि वह वापस आने वाले थे, इसलिए हम ऑफिस में ही रुके रहे. लगभग 5 से 10 मिनट के बाद बाबा सिद्दीकी निकलने लगे. चूंकि उनकी गाड़ी, रेंज रोवर थोड़ी दूरी पर खड़ी की गई थी, इसलिए इकबाल, शम्स और मैं उन्हें कार तक छोड़ने गए. उस समय, शम्स और मैं बाबा सिद्दीकी के दाहिनी ओर खड़े थे और इकबाल भाई उनकी बाईं ओर. उसी समय शम्स के पैरों के पास पटाखे फूटने जैसी आवाज हुई और मेरी आंखों से आंसू आने लगा.''
'मुझे गोली मार दी, मैं मर रहा हूं'
वसीम मंसूरी ने बताया कि उस समय बाबा सिद्दीकी ने हमसे पूछा, "पटाखे कौन फोड़ रहा है?" हम उन्हें बता रहे थे कि देवी को विसर्जन के लिए ले जा रहे हैं शायद किसी ने पटाखे फोड़ दिए होंगे, लेकिन कुछ ही देर में हमें फिर से पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी और लाइट जैसी दिखाई दी. उस समय, बाबा सिद्दीकी ने हमें बताया, "मुझे गोली मार दी, मैं मर रहा हूं." उस समय, मैंने देखा कि उसने जो टी-शर्ट पहनी थी, वह खून से सनी हुई थी. उस समय जब मैं पीछे से बाबा सिद्दीकी को सहारा दे रहा था, तो मैंने देखा कि 3 लोग वहां से फायरिंग कर भाग रहे हैं.''
उन्होंने आगे बताया, ''उसके बाद ऑफिस में मौजूद कुछ लोग भागकर गाड़ी की तरफ आये. उस समय घायल बाबा सिद्दीकी को हम और पुलिस सिक्योरिटी गार्ड ने रेंज रोवर मे बैठाया और फिर यूसुफ़ माड़ी और अब्दुल्ला उसके साथ कार में बैठे. उसके बाद, मैंने और बाकी लोगों ने बाइक पर बैठकर ट्रैफिक क्लियर करते करते घायल बाबा सिद्दीकी को अस्पताल लेकर पहुंचे और उन्हें लीलावती अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. उसके बाद विधायक जीशान सिद्दीकी भी वहां पहुंचे. फिर डॉक्टरों ने बाबा सिद्दीकी को मृत घोषित कर दिया.''
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Source: IOCL





















