महाराष्ट्र में बदलेगी सियासत? चाचा शरद पवार की तारीफ कर अजित पवार ने दिया क्या संदेश?
Ajit Pawar-Sharad Pawar News: अजित पवार ने महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के लिए शरद पवार की प्रशंसा की, जब वे मुख्यमंत्री थे. उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करने वाले देश आगे बढ़ते हैं.

Ajit Pawar Praises Sharad Pawar: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने हाल ही में कुछ ऐसा किया, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है. अजित पवार ने महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के लिए अपने चाचा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की तारीफ की. इस विधेयक के तहत स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था.
एनसीपी प्रमुख और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘उस समय साहेब (शरद पवार) मुख्यमंत्री थे और विधायक के तौर पर वह मेरा पहला कार्यकाल था. उन्होंने कहा था कि विधेयक पारित होने तक सदन को स्थगित नहीं किया जाना चाहिए. हमने बहस के बाद सुबह 3.30 बजे विधेयक पारित किया था.’’
'महिलाओं का सम्मान करने वाले देश बढ़ते हैं आगे'
अजित पवार ने कहा, ‘‘अगर एक महिला अपने घर और बच्चों को मैनेज कर सकती है तो वह एक गांव या नगर परिषद को भी संभाल सकती है. ऐसा उनका (अपने आप पर) विश्वास है. इसीलिए इस तरह का रिजर्वेशन लाया गया क्योंकि जो देश महिलाओं का सम्मान करते हैं, वे प्रगति करते हैं.’’
'ज्योतिबा फुले से शुरू हुई यात्रा हमें यहां तक लाई'
अजित पवार ने यह भी कहा कि लड़कियां आज 'लड़कों से प्रभावित हुए बिना' हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. पहले के समय में लड़कियों को शिक्षा के अवसर नहीं मिलते थे. हालांकि, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला, जिससे उन्हें शिक्षा सुलभ हुई. तब से शुरू हुई यात्रा हमें आज इस मुकाम पर ले आई है.’’
भिड़ेवाड़ा में बनेगा ज्योतिबा फुले का स्मारक
अजित पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने भिड़े वाडा को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जहां यह स्कूल शुरू किया गया था और इस महान दंपति के सम्मान में एक विशाल स्मारक बनाने का काम जारी है.
साल 2023 में अलग हुए थे चाचा-भतीजे
अजित पवार ने अपने चाचा की तारीफ ऐसे समय में की, जब शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुटों के संभावित विलय की अटकलें जारी हैं. शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी जुलाई 2023 में विभाजित हो गई थी, जब अजित पवार अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे. हालांकि, बाद में उन्हें मूल पार्टी का नाम और उसका चिह्न मिल गया था. वहीं शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट को एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के रूप में जाना जाने लगा. दोनों गुटों ने विलय की बात को अटकलबाजी बताया जा रहा है.
Source: IOCL






















