मध्य प्रदेश: रतलाम के हाथीखाने में जलभराव, 200 से ज्यादा घर पानी में डूबे, कोई जनहानि नहीं
MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम के जावरा में मूसलाधार बारिश से हाथीखाना सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया, 200 से ज्यादा घर डूब गए. मंदिर-मस्जिद तक पानी घुसा और लोग रातभर परेशान रहे.

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की जावरा तहसील के जावरा शहर में मूसलाधार बारिश के चलते शहर के हाथीखाने में जलभराव हो गया. 200 से ज्यादा घर पानी में डूबे. बताया जा रहा है कि गुरुवार को तेज बारिश के चलते पीलिया खाल नदी उफान पर आ गई थी, जिसके बाद जावरा रपट के ऊपर से पानी निकला और रपट रोड पर जलभराव हो गया.
तभी स्थानीय प्रशासन ने खतरे को देखते हुए लोगों को पानी में चलकर जाने से रोक दिया. वहीं, जावरा शहर के बीचोबीच स्थित हाथीखाने में जलभराव हुआ, जिसमें 200 से ज्यादा मकान आधे-आधे पानी में डूब गए. गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.
पुलिस निचली बस्तियों में तैनात दिखाई दी
SDRF की टीम मौके पर पहुंची और डूब क्षेत्र का निरीक्षण किया. वहीं, पुलिस भी निचली बस्तियों में तैनात दिखाई दी और पानी की तरफ लोगों को जाने से रोकती हुई नजर आई. जावरा शहर में बारिश का कहर देखने को मिला, जिसमें मंदिर और मस्जिद सभी पानी की जद में दिखाई दिए. दोनों धार्मिक स्थलों पर पानी भर गया.
हाथीखाने में चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ दिखाई दिया. तालनाका से हाथीखाना, छिपीपुरा से हाथीखाना, नर्सिंगपुरा से हाथीखाना, सरकार रोड से हाथीखाना, घुन्ना चौक से हाथीखाना ऐसे सभी इलाकों में जलभराव दिखाई दिया और शहर के बीचोबीच कई रास्तों पर पानी-पानी नजर आया.
बारिश के कहर से लोग रातभर परेशान रहे
जावरा शहर में बारिश के कहर से लोग रातभर परेशान रहे. लोगों के घरों में पानी घुसने से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं. लोगों को परेशानी के बीच रात और दिन निकालने पड़ रहे हैं. बता दें, रतलाम में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर राजेश बाथम ने बड़ा निर्णय लिया है.
जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर (गुरुवार) को जिलेभर में कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया.
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Source: IOCL






















