जुमे की नमाज के बाद पहलगाम हमले का विरोध, एमपी के कई जिलों में लगे 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ MP के कई जिलों में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान काली पट्टियां बांधकर पाकिस्तान मुर्दाबाद और के नारे लगाए गए.

Protest against Pahalgam Terror Attack in MP: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ शुक्रवार (25 अप्रैल) को मध्य प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया. जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधी और हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे.
इस दौरान ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे गूंजे. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि हमले के दोषियों को पकड़कर कड़ी सजा दी जाए और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कूटनीतिक एवं सैन्य रुख अपनाया जाए.
इन जिलों में किया गया प्रदर्शन
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस दर्दनाक घटना के विरोध में भोपाल, खरगोन, सागर, निवाड़ी, रायसेन, सोहागपुर, मंदसौर और हरदा समेत मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतरा. भोपाल में महिलाओं और बच्चों ने भी काली पट्टी बांधकर आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नाराजगी जताई. राजधानी में आतंकवाद का पुतला फूंका गया और कई प्रदर्शनकारियों ने ‘खून बहाना बंद करो’ जैसे संदेश वाली तख्तियां लेकर मार्च निकाला.
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
भोपाल और खरगोन में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जुटे. मोहन टॉकीज क्षेत्र में ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगे. नगर पार्षद अदीब बाबा पठान ने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है और मुस्लिम समुदाय सरकार के साथ खड़ा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ निंदा से काम नहीं चलेगा, गोली का जवाब गोली से दिया जाना चाहिए.
हरदा में भी जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां मुफ्ती मोहम्मद रिजवान ने इस हमले को न केवल मानवता के खिलाफ बल्कि देश की एकता, भाईचारे और विकास के खिलाफ बताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की.
बेगमगंज से सागर तक विरोध की लहर
रायसेन जिले की बेगमगंज तहसील में मजलिस-ए-शूरा, जमीयत उलेमा और मुस्लिम त्योहार कमेटी के नेतृत्व में पुराना बस स्टैंड से तहसील कार्यालय तक बाइक रैली निकाली गई. 20 से अधिक मस्जिदों के उलेमाओं ने जुमे की नमाज के बाद हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोषों की हत्या करना पूरी मानवता की हत्या है. जिलाधिकारी को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम की मांग की गई.
निवाड़ी, सोहागपुर और मंदसौर में भी मुस्लिम समुदाय ने एकजुट होकर विरोध जताया. इन इलाकों में शांति और सद्भाव की दुआ की गई, साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई.
सागर शहर रहा बंद, व्यापारियों ने जताया आक्रोश
सागर शहर में पहलगाम हमले के विरोध में व्यापारिक संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जिसका व्यापक असर देखा गया. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. पारस टॉकीज रोड पर आतंकवाद का पुतला जलाया गया. सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सोनी ने बताया कि बंद पूरी तरह सफल रहा और इससे आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश गया.
मध्य प्रदेश वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश सचिव निकेश गुप्ता ने भी हमले की कड़ी निंदा की और बताया कि समाज के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे. मृतकों के लिए शोक सभा भी आयोजित की गई. यह बंद स्थानीय संगठनों और व्यापारिक निकायों की अपील पर रखा गया था, जिसमें हर वर्ग ने सहयोग दिया.
आतंकवाद के विरुद्ध राष्ट्र की एक आवाज
यह विरोध सिर्फ एक समुदाय का नहीं, बल्कि एकजुट भारत की पुकार है. मुस्लिम समुदाय ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और पाकिस्तान प्रायोजित हिंसा का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. देश की सुरक्षा, अखंडता और मानवीय मूल्यों के पक्ष में खड़ा हर नागरिक इस आवाज में शामिल है. अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र एक ठोस और निर्णायक कदम उठाए.
























