उज्जैन में 5 दिवसीय 'महाकाल महोत्सव' का शुभारंभ, सीएम बोले- MP पर परमात्मा की विशेष कृपा
MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल महालोक में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव शुरू हुआ, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नया मंदिर पोर्टल, भक्तनिवास परियोजना और CSR पोर्टल लॉन्च किए.

MP News: मध्य प्रदेश पर परमात्मा की विशेष कृपा है, यहां दो ज्योतिर्लिंग स्थित हैं. उज्जैन सौभाग्यशाली है कि यहां हरसिद्धि माता शक्तिपीठ विराजमान हैं और दक्षिण भारत की परंपरा के अनुसार गढ़ कालिका भी शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित हैं. यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन स्थित महाकाल महालोक में पांच दिवसीय ‘महाकाल महोत्सव’ के शुभारंभ पर कही.
पोर्टल के माध्यम से होगा ऑनलाइन दान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल (www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in), महाकाल सृष्टि के टीजर और सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 600 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन भव्य महाकालेश्वर भक्तनिवास एवं CSR पोर्टल का लोकार्पण किया. नवीन पोर्टल के माध्यम से श्रद्धालु शीघ्र दर्शन, भस्म आरती की बुकिंग और ऑनलाइन दान कर सकेंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के आधार पर उज्जैन की एक अलग पहचान बन रही है. राज्य सरकार रोजगार, पर्यटन और धार्मिक विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है. उन्होंने कहा कि कवि कालिदास जी की रचनाओं को सुनते ही स्वर्ग से सुंदर उज्जयिनी अवंतिका नगरी की कल्पना साकार होती है. उन्होंने कहा कि जब ड्रोन से उज्जैन की तस्वीरें ली जाती हैं तो प्रतीत होता है कि यदि आज यह नगरी इतनी सुंदर है, तो प्राचीन काल में इसकी रचना कितनी अद्भुत रही होगी.
महाकाल 'काल' यानी समय के देवता हैं- सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन का इतिहास मूर्ति शिल्प के माध्यम से अपनी गौरवगाथा स्वयं प्रस्तुत करता है, राजा भोज जैसे महापुरुष हजार साल पहले उज्जैन आए और ऐसे सभी ऐतिहासिक महापुरुषों का संगम इस नगरी में देखने को मिलता है. उन्होंने कहा कि महाकाल 'काल' यानी समय के देवता हैं और समय सबके लिए नियत है, जिसे न बढ़ाया जा सकता है और न घटाया जा सकता है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि काल के क्रम में प्रत्येक जीव का जन्म अपने कर्म सिद्धांतों के आधार पर होता है. भगवान कृष्ण ने तीन मार्ग बताए हैं, जिनमें जिसकी जैसी श्रद्धा हो, वो उस मार्ग से पुण्य अर्जित कर धाम की ओर प्रस्थान करता है. उन्होंने कहा कि ऐसे काल क्रम में बाबा महाकाल हमको प्रत्येक श्वास के साथ जीवन देते हैं और प्रत्येक श्वास निकलते समय मृत्यु से साक्षात्कार होता है. महाकाल हमारे श्वास में बसे हैं. महाकाल ने हमें उस काल के क्रम में हमको अवसर दिया है. इस अवसर के बलबूते पर परमात्मा हमको अच्छे से अच्छा काम करने का मौका देता है.
14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा महाकाल महोत्सव
इस अवसर पर महोत्सव में देश-विदेश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से किया. महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन ने अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति दी.
15 जनवरी को मुंबई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देंगे. 16 जनवरी को सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीतमय यात्रा से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी. 17 जनवरी को इंदौर के श्रेयश शुक्ला और मुंबई के विपिन अनेजा अपने बैंड के साथ सुगम संगीत प्रस्तुत करेंगे. 18 जनवरी को इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और लंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों ने प्रस्तुत शिव केंद्रित नृत्य नाटिका से महोत्सव का समापन होगा.
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