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Indore News: 2 दिन में इंदौरी चट कर गए 65 हजार दर्जन आम, खुशबू और मिठास के दीवाने हुए लोग

Mango Jatra Indore: हर साल की तरह इस बार भी इंदौर मैंगो जत्रा फेस्टिवल के दसवें संस्करण की शुरुआत हुई. ये मैंगो जत्रा दस दिनों तक चलेगा. बेमौसम बारिश की असर आम की कीमतों पर भी पड़ा है.

Mango Jatra Indore 2023: फलों के राजा आम (Mango) का स्वाद किसे पसंद नहीं है. अगर आप भी आम के शौकीन हैं और तरह- तरह के आमों का स्वाद लेना चाहते हैं तो आपको तुरंत मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में लगे ग्रामीण हाट बाजार का रुख करें. उम्मीद है आप यहां से बिना आम का स्वाद चखे या पसंद किये नहीं जा पाएंगे. दरअसल इंदौर में तीन दिवसीय मैंगो जत्रा (Mango Jatra) की शानदार शुरुआत हुई है.

इंदौर के इस जत्रा में रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस के आम भी आते हैं. हापुस आम अपने स्वाद और मिठास के लिए पुरी दुनिया में मशहूर है. आलम ये है कि यहां महज दो दिनों में ही 65 हजार दर्जन से ज्यादा आम बिक चुके हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में है. 

जत्रा में हापुस आमों की रहती है मांग

जत्रा में आने वाले आमों की गजब की मिठास और खुशबू आम के शौकीनों को अनायास ही अपनी और खींच रही है. बीते दस सालों से यहां देवगढ़ और रत्नागिरी के हापुस आम के शौकीनों को खाने को मिल रहे हैं. मैंगो जत्रा के दसवें संस्करण में रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस उत्पादक किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे हैं. जत्रा में आए 26 किसान हापुस आम की अलग- अलग वैरायटी भी साथ लाए हैं.

इंदौर मैंगो जत्रा 2023 में पहुंचे हर्ष नाम के एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि हम यहां आम का स्वाद लेने और असली हापुस आम खरीदने आते हैं. यहां आकर हमें इस बात का पूरा भरोसा होता है कि जो आम हमें मिलेगा वो असली हापुस ही होगा. मैं यहां लगने वाले मैंगो जत्रा में हर बार आता रहा हूं.

बारिश ने बिगाड़ा आम का स्वाद

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश का बेमौसम होना आम के लिए नुकसानदायक रहा है. इंदौर में आए किसानों ने कहा कि इस बार पानी की वजह से फसल खराब हुई है. वहीं ज्यादा गर्मी पड़ना भी एक इसकी मुख्य वजह रही है. पैदावार कम होने से आम की कीमतों में तकरीबन 20 फीसदी का इजाफा हुआ है. हालांकि आम खाने के शौकीनों पर बढ़ी हुई कीमतों का असर दिखाई नहीं देता.

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उमेश भारद्वाज एबीपी न्यूज़ में बतौर इंदौर संवाददाता कार्यरत हैं. एबीपी न्यूज़ से पहले उमेश भारद्वाज कई मीडिया संस्थानों में कार्यरत रहे हैं. अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री के बाद उमेश भारद्वाज लगातार पत्रकारिता में सक्रीय हैं. युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर वो लगातार लिखते रहे हैं राजनीतिक खबरों पर उमेश भारद्वाज की पकड़ मजबूत है.
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