MP News: जबलपुर में कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने पत्नी के साथ की आत्महत्या, लिखा भावुक करने वाला सुसाइड नोट
Jabalpur Farmer Suicide: मध्यप्रदेश के जबलपुर में कर्ज से परेशान किसान दंपती ने भेड़ाघाट के धुआंधार के पास आत्महत्या कर ली. उनके पास से सुसाइड नोट मिला है. जिसमें बैंक से कर्ज लेने का जिक्र है.

Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने पत्नी के साथ आत्महत्या कर ली. नर्मदा नदी में कूदे पति-पत्नी शव एक हफ्ते बाद मिला. किसान ने अपने सुसाइड नोट में 20 लाख के कर्ज का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि उनकी आत्महत्या के लिए किसी को परेशान न किया जाए. 70 साल के बूढ़े दादा पर दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी भी मृतक किसान छोड़ गया है. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
यहां बताते चले कि मृतक किसान के चचेरे भाई प्रमोद पटैल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 28 जून को उनका भाई धर्मेन्द्र पटेल (40 साल) अपनी पत्नी सांध्य पटेल (38 साल) के साथ घर में बिना बताए ही कहीं चला गया था. उसकी मोटर सायकिल भेड़ाघाट में धुआंधार के पास मिली थी. एक हफ्ते की खोजबीन के बाद धर्मेंद्र का शव मंगलवार को नर्मदा नदी में माल कछार के पास से बरामद हुआ है. पत्नी संध्या का शव बुधवार (05 जुलाई) को सरस्वती घाट में पत्थरों के बीच फंसा हुआ मिला.
पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है
उधर, माता-पिता के पहले लापता होने और बाद में शव मिलने से उनके मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. किसान धर्मेंद्र पटेल और उसकी पत्नी संध्या पटेल का शव बरामद होने से परिवार में मातम छा गया. पुलिस परिजनों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास में जुटी है. किसान धर्मेंद्र पटेल और उनकी पत्नी संध्या पटेल भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के बम्हौरा हिनौता गांव में रहते थे. परिवार में दंपती के अलावा 16 और 14 साल के दो बेटे,छोटे भाई महेंद्र पटेल और 70 साल के बुजुर्ग पिता गंगाराम पटेल हैं.
कर्ज से परेशान था किसान परिवार
पत्नी के साथ मौत को गले लगाने वाले किसान धर्मेंद्र पटेल ने अपने सुसाइड नोट में कर्ज से परेशान होने की बात लिखी है. सुसाइड नोट में पति-पत्नी के हस्ताक्षर भी है. उन्होंने अपने पिता से गुजारिश की है कि दोनों बेटे को अच्छे से पढ़ाएं. अगर वे परेशान करें तो सजा देने से भी पीछे नहीं हटें. धर्मेंद्र ने यह भी लिखा है कि मेरे ऊपर यूनियन बैंक का भी कर्ज है. इसके अलावा कुछ और भी बात है. हमारी आत्महत्या के बाद कोई किसी पर ये आरोप न लगाए कि इसके उसके खातिर इन्होंने आत्महत्या कर ली. हमारी मौत पर न ही मेरे घरवाले और न ही संध्या के घरवालों को परेशान किया जाए. पिता जी दोनों बेटों को अच्छे से पढ़ाना.
परिवार वालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट किया था
भेड़ाघाट थाने के टीआई शफीक खान से मिली जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र पटेल खेती किसानी का काम करते थे. वे गांव में अपनी पत्नी संध्या और दो बेटों ध्रुव तथा शिवांश के साथ रहते थे. 70 साल के बुजुर्ग के पिता गंगाराम पटेल भी उनके साथ रहते थे. 28 जून की सुबह धर्मेंद्र पटेल अपनी पत्नी संध्या के साथ मोटरसाइकिल पर घर से निकले थे. शाम तक जब दोनों घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया लेकिन दोनों के मोबाइल घर पर ही मिले. इसके बाद परिजनों ने भेड़ाघाट थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
भेड़ाघाट टीआई शफीक खान ने कहा कि मृतक किसान का सुसाइड नोट मिला है. पुलिस बैंक के कर्ज के साथ सभी एंगल से जांच कर रही है. धर्मेंद्र पटेल बेहद सम्पन्न किसान थे. अगले कुछ दिनों में परिजनों के बयान के बाद भी असल वजह का खुलासा हो सकेगा.
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