MP Election 2023: चुनाव से पहले एमपी कांग्रेस में अंतर्कलह उजागर, क्या वर्चस्व की लड़ाई से पार्टी लेगी सबक?
MP Election News: कांग्रेस के आला नेता इन दिनों संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह सहित कई बड़े नेता हारी हुई सीटों का दौरा कर रहे हैं.

MP Election 2023: चुनावों से पहले कांग्रेस में कलह का होना कोई नयी बात नही है. संगठन की दुहाई देने वाली कांग्रेस पार्टी संगठन के नियमों की कसौटी पर खरी उतरती नजर नहीं आ रही है. फिर चाहे किसी बड़े नेता का दौरा हो या चार कांग्रेस नेताओं के किसी एक जगह इकठ्ठे होने की बात हो. किसी न किसी बात पर आपसी कलह उजागर हो ही जाती है. ग्वालियर और जोबट की घटनाओं ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने को मजबूर कर दिया है.
जोबट में चली चप्पलें, ग्वालियर में हॉकी और डंडे से भिड़े
अलीराजपुर के जोबट में सीधी पेशाब कांड को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम को ज्ञापन देने आए थे. ज्ञापन देने के बाद पूर्व से चली आ रही गुटबाजी के चलते महिला नेत्री व कांग्रेस नेता मोनूबाबा ने पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष केसर सिंह डावर के साथ मारपीट की.
वहीं जब यह विवाद हो रहा था, उस दौरान वहां पर कांग्रेस जिला महासचिव सुरपाल अजनार, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीपक भूरिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कालू मेडा और रघु नंदन शर्मा भी मौजूद थे. इस मामले में महिला कांग्रेस नेत्री ने केसर सिंह डावर पर धारा 354 के तहत मामला दर्ज करवाया गया है.
बताया जा रहा है कि जब ग्वालियर में होटल के कमरे में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव और प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक यादव बातचीत कर रहे थे उसी दौरान युवा नेता और पूर्व मंत्री लाखन सिंह के भतीजे संजय यादव सहित उनके समर्थक होटल के बाहर आ गए.
वहीं दूसरे युवा नेता के समर्थक वहां पर पहुंच गए, यह सभी समर्थक युवा नेता माटू यादव के थे. दोनों युवा नेताओं के समर्थक होटल के बाहर खड़े हुए थे. उसी दौरान आपस में विवाद शुरू हो गया. सबसे पहले संजय सिंह यादव के समर्थक और माटू यादव के समर्थकों के बीच गाली गलौज हुई. माटू यादव के समर्थकों ने अपनी गाड़ियों की हॉकी निकालकर होटल के बाहर रखी संजय सिंह यादव गाड़ी का शीशे को तोड़ दिया.
जनता कर रही है सवाल
मध्यप्रदेश के जोबट और ग्वालियर से जो तस्वीरें सामने आईं इससे सवाल उठता है कि कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई से पार्टी पर क्या असर होगा. कांग्रेस के आला नेता इन दिनों संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह सहित कई बड़े नेता हारी हुई सीटों का दौरा कर रहे हैं. ऐसे में अक्सर कांग्रेस में फूट और कलह की तस्वीरें सामने आने से लोग ये सवाल करने लगे हैं कि जो कांग्रेस अपने संगठन में समन्वय नही बना पा रही वह प्रदेश में सरकार कैसे बनाएगी.
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Source: IOCL

























