MP News: गूगल मैप से चुनते थे वारदात की जगह, जबलपुर में दो हाईटेक चोर गिरफ्तार
Jabalpur Robbery Case: जबलपुर पुलिस ने चोरों के ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो वारदाता को अंजाम देने के लिए विशेष तकनीक की मदद लेते थे. पुलिस ने आरोपियों से चोरी के लाखों के जेवरात भी बरामद किया है.

Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में पुलिस ने दो हाईटेक चोरों को गिरफ्तार किया है. ये चोर गूगल मैप की मदद से वारदात करने के लिए टारगेट तय करते थे. जबलपुर पुलिस ने बताया कि धार जिले से पकड़े गए चोर गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है. चोरी और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए गूगल मैप और सैटेलाइट इमेज के इस्तेमाल का यह अनोखा मामला है.
चोरों के गिरोह के पास से जबालपुर में एक सब इंजीनियर के घर से चोरी किए गए 18 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुआ. चोर एक जोड़ी सुई-धागा भी चुरा ले गए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है.
दरअसल, आज के दौर में डिजिटल क्रांति ने आम आदमी का जीवन तो आसान बना ही दिया है, अब अपराधी भी इसका इस्तेमाल करके वारदात को अंजाम दे रहे हैं. इससे जुड़ा एक मामला जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले सब इंजीनियर कालूराम लड़िया के घर चोरी की जांच के दौरान सामने आया.
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— AJAY TRIPATHI (ABP News) (@ajay_media) March 4, 2024
18 लाख रुपये के जेवरात बरामद
एडिशनल एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने बताया कि सब इंजीनियर के घर कुछ नकाबपोश ने 16 फरवरी 2024 को चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले सुरप सिंह, अजय, अदन और भाया के रुप में हुई है.
इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ करने की कोशिश में जुटी पुलिस ने धार जिले से दो आरोपियों सुरप सिंह और चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर दीपक सोनी (दोनों धार निवासी) को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से 18 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं. चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी कार से धार से जबलपुर आये थे.
चोरी के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल
मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने बताया कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए सैटेलाइट इमेज और गूगल मैप की मदद ली थी. पुलिस के मुताबिक यह एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह है. यह गिरोह पहले तकनीक की सहायता से अपराध को घटित करने की जगह को चिन्हित करता है.
सैटेलाइट इमेज और गूगल मैप के जरिए यह गिरोह ऐसी कालोनी को खोजता है, जहां पर रिटायर्ड अधिकारी या फिर सीनियर आला सरकार अधिकारी रहते हैं. ऐसी कालोनियों में अधिकारियों के घरों को चिन्हित कर गिरोह पहले रेकी करता है और फिर मौका पाकर चोरी या डकैती की घटनाओं को अंजाम देता है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य घटनाओं की जानकारी भी जुटा रही है.
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Source: IOCL























