Madhya Pradesh News: रायसेन में एसडीएम रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त टीम देखकर बिगड़ी 'साहब' की तबियत
Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आज रिश्वत लेते एसडीएम को गिरफ्तार किया गया है. यहां जानें लोकायुक्त की टीम ने कैसे एसडीएम को रंगे हाथ गिरफ्तार किया.

Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं. रिश्वतखोर अफसरों पर लोकायुक्त की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है.आज लोकायुक्त की टीम ने रायसेन जिले के गैरतगंज SDM कार्यालय में छापा मारा. SDM मनीष जैन को 45 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसार क्रेशर की अनुमति के एवज में SDM ने रिश्वत की मांग की थी. इसकी सूचना मिलते ही लोकायुक्त SDOP और 8 सदस्यीय टीम ने दफ्तर में दबिश दी और SDM को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान SDM मनीष जैन की तबियत बिगड़ गई. उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में रेफर किया गया है.
लोकायुक्त एसपी को शिकायत
सईद अहमद कुरेशी के भाई तनवीर ने लोकायुक्त भोपाल एसपी मनु व्यास को शिकायत की थी. जिन्होंने डीएसपी संजय शुक्ला को शिकायत सत्यापन के लिए सौंपी थी. डीएसपी ने तनवीर को रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए डिवाइस दी. एसडीएम व कंप्यूटर ऑपरेटर ने रिश्वत की राशि को कम करते हुए 45 हजार रुपए में एनओसी दे देने की बात कही. इस बातचीत के रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
कंप्यूटर ऑपरेटर ने रिश्वत की राशि का लिफाफा लिया
आज दोपहर में योजनाबद्ध ढंग से लोकायुक्त की टीम फरियादी के साथ 45 हजार रुपए की राशि का लिफाफा लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे जहां कंप्यूटर ऑपरेटर को लिफाफा सौंपा. रामनारायण अहिरवार ने रिश्वत की राशि को गिनने के बाद उसमें से 10 हजार रुपए अलग कर लिए और 15 हजार रुपए खुद के पास रख लिए थे. शेष 30 हजार रुपए की राशि उसने एसडीएम मनीष जैन को दे दी. एसडीएम ने राशि अपने बैग में रख ली और गाड़ी में बैठकर कार्यालय से चले गए. राशि का लेन-देन पूरा होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने एसडीएम को रास्ते में रोक लिया. देर शाम तक रिश्वत के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चलती रही.
संजय शुक्ला लोकायुक्त डीएसपी अधिकारी का कहना है भोपाल निवासी तनवीर ने शिकायत की थी खनिज से संबंधित लीज लेना थी उसकी फाइल एसडीएम कार्यालय आ गई थी उसकी अनुमति के एवज में एक लाख रुपये की मांग की गई थी इसकी शिकायत आई थी इसको लेकर टीम आज रायसेन पहुंच कर कार्रवाई की और रंगे हाथों पकड़ लिया. एक लिफाफे में 40 हजार दूसरे लिफाफे में पांच हजार रुपये के साथ पकड़े गए.
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Source: IOCL


























