मध्य प्रदेश सरकार ने UCC के लिए बनाई 6 सदस्यीय समिति, 60 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
Madhya Pradesh UCC Committee: मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य इस साल दिवाली तक UCC को लागू करने का है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को छह महीने के भीतर UCC बिल का मसौदा तैयार करने के लिए कहा

- समिति सभी व्यक्तिगत कानूनों का करेगी अध्ययन.
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने और इसके लिए मसौदा तैयार करने के लिए एक 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. भोपाल से विधि और विधायी कार्य विभाग ने एक आदेश जारी कर 27 अप्रैल (सोमवार) को यह जानकारी दी. प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को छह महीने के भीतर UCC बिल का मसौदा तैयार करने के लिए कहा है.
सरकार का उद्देश्य इस साल दिवाली तक UCC को लागू करने का है. इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात ने UCC को लागू किया था और अब मध्य प्रदेश में भी इसे लागू करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रसाद देसाई करेंगे. इसके सदस्यों में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनी विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और समाज सेवी बुधपाल सिंह शामिल हैं.
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60 दिनों के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट
समिति को सभी पहलूओं के अध्ययन के बाद 60 दिनों में UCC की रिपोर्ट और ड्राफ्ट सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है. यह समिति UCC को लागू करने की संभावना और दूसरे राज्यों जैसे उत्तराखंड और गुजरात के मॉडल का अध्ययन करेगी. यह समिति UCC के मसौदे के लिए जन सामान्य धार्मिक-सामाजिक संगठनों और विधि विशेषज्ञों के सुझाव लिए जाएंगे. यह समिति राज्य के मौजूदा व्यक्तिगत कानूनों का व्यापक अध्ययन करेगी, जिसमें विवाह, तलाक, भरण-पोषण, विरासत, गोद लेने और लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.
इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जांच भी यह समिति करेगी. इसके साथ ही इसका उत्तराधिकार दत्तक ग्रहण संबंधी व्यवस्थाओं का सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य में परीक्षण होगा. समिति सभी पहलुओं को जांचेगी समझेगी जिसमें प्रस्तावित कानून के कानूनी, प्रशासनिक और कार्यान्वयन शामिल है, ताकि भविष्य में आने वाली जटिलताओं को कम किया जा सके.
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Source: IOCL



























