जबलपुर सेंट्रल जेल में मिलता है गांजा, तंबाकू और सिगरेट? दो सुरक्षाकर्मियों पर गिरी गाज
Jabalpur News: जेल प्रशासन ने दो सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी बदलने के दौरान पकड़ लिया. दोनों सुरक्षाकर्मी कैदियों को सप्लाई करने के लिए मादक पदार्थ लेकर जा रहे थे.

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर सेंट्रल जेल (Jabalpur Central Jail) में मादक पदार्थों की बिक्री का खुलासा हुआ है. जेल में तैनात सुरक्षाकर्मी प्रतिबंधित सामान कैदियों तक पहुंचा रहे थे. दो प्रहरी गांजा, तंबाकू और सिगरेट के पैकेट जेल में ले जाते पकड़ लिये गये.
कैदियों को नशीला पदार्थ पहुंचाने के आरोप में एक सुरक्षाकर्मी को निलंबित कर दिया गया है और दूसरे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गयी है. नेताजी सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल के अंदर नशीले सामानों की सप्लाई का सिलसिला रुक नहीं रहा है.
बताया जाता है कि लंबे समय से नशीले सामानों को बंदियों तक पहुंचाने का काम हो रहा है. जेल के अंदर पहुंचने पर गांजा-सिगरेट और तंबाकू की कीमत 100 गुना बढ़ जाती है. ड्यूटी बदलने के दौरान सुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली गयी. मुकेश पूंडे और सुशील खैमरिया के पास प्रतिबंधित सामग्री मिली. सेंट्रल जेल के जेलर मदन कमलेश ने बताया कि तंबाकू का सात पैकेट मुकेश अंदर ले जा रहा था. उसके पास से सिगरेट के दो के पैकेट और 46 ग्राम गांजा बरामद हुआ. वहीं, सुशील खैमरिया के पास सिगरेट का दो पैकेट मिला.
जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई
जेलर मदन कमलेश ने बताया कि प्रतिबंधित सामग्री मिलने के तत्काल बाद दोनों सुरक्षार्मियों पर कार्रवाई की गई. मुकेश को सस्पेंड कर दिया गया और सुशील के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है. दोनों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. उन्होंने स्वीकार किया कि जेल में नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित सामानों की सप्लाई की शिकायत मिल रही थी. शिकायत के बाद जेल प्रहरी रडार पर थे. बता दे कि जेल प्रहरी मोटी कमाई की लालच में कैदियों को ऊंची कीमत पर नशीले पदार्थ बेचते हैं.
दो सुरक्षाकर्मियों पर गिरी गाज
जेलर का कहना है कि 15 रुपये में मिलने वाला तंबाकू का पैकेट जेल के अंदर पहुंचने पर 500 रुपये का हो जाता है. 100 रुपये सिगरेट के पैकेट की कीमत जेल में 700 हो जाती है. जेल में गांजे की सप्लाई भी होती है. बाहर मिलने वाली 1000 रुपये की गांजे की पुड़िया जेल के अंदर 5 से 10 हजार रुपये में बिकती है. इसलिए कुछ जेल प्रहरी अवैध कमाई के लालच में कैदियों को नशीले पदार्थ सप्लाई करते हैं. जेल प्रशासन शिकायत का संज्ञान लेते हुए संदिग्ध जेल प्रहरियों पर निगरानी रखता है. सुरक्षाकर्मियों से प्रतिबंधित सामान खरीदने वाले बंदियों की भी पहचान की जा रही है.
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Source: IOCL


























