MP News: एक साल के बच्चे ने निगली तीन इंच की जिंदा मछली, ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बचाई जान
Indore News in Hindi: मध्य प्रदेश के इंदौर में बच्चों की लापरवाही के कारण एक मछली अचानक उछली और उस वक्त एक साल के बच्चे के मुंह में चली गई, जब वह जोर-जोर से हंस रहा था. हालांकि उसकी जान बचा ली गई.

- एक साल के बच्चे ने निगला तीन इंच लंबी जिंदा मछली.
- एक्वेरियम सफाई के दौरान बच्चे के मुंह में चली गई मछली.
- डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन से मछली को निकाला बाहर.
- मध्य भारत में ऐसी सर्जरी का यह पहला मामला.
आज (9 अप्रैल) एक दुर्लभ घटनाक्रम में इंदौर में एक वर्षीय लड़के ने करीब तीन इंच लंबी जिंदा मछली निगल ली और डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन के बाद इस जलीय जीव को उसके गले से बाहर निकालकर बच्चे को नया जीवन दिया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल की घटना के दौरान एक साल के बच्चे के बड़े भाई-बहन उनके घर के एक्वेरियम की सफाई के दौरान एक जाली में रखी गईं सजावटी मछलियों से खेल रहे थे.
बच्चों की लापरवाही के कारण एक मछली अचानक उछली और उस वक्त एक साल के बच्चे के मुंह में चली गई, जब वह जोर-जोर से हंस रहा था. मछली के गले में फंसने से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत, बेचैनी, घबराहट और मुंह से खून आने जैसी समस्याएं होने लगीं थीं. बच्चे के जिंदा मछली निगलने से घबराए परिजन उसे फौरन शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MY Hospital) लेकर आये.
डॉक्टरों ने बिना देर किए शुरू किया ऑपरेशन
MYH के कान, नाक और गला (ENT) विभाग की अध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी टीम को अलर्ट किया और बिना देर किए ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई. डॉ. यामिनी गुप्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 'जब हमने बच्चे की जांच की, तब करीब तीन इंच लंबी मछली जिंदा थी और उसके गले में फंसने के कारण जोर से फड़फड़ा रही थी. इससे बच्चे के गले में घाव हो गया था और उसकी लार के साथ खून आ रहा था. बच्चे को घबराहट, बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी.'
आधे घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बची बच्चे की जान
गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एक भी पल गंवाए बिना बच्चे के ऑपरेशन का फैसला किया और चिकित्सकों के छह सदस्यीय दल ने आधे घंटे की जटिल सर्जरी के दौरान उसके गले से मरी मछली बाहर निकाली. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद कुछ दिन तक बच्चे की हालत पर नजर रखे जाने के बाद उसे MYHसे छुट्टी दे दी गई है और अब वह स्वस्थ है. गुप्ता ने कहा, 'एक साल के बच्चे के गले में फंसी मछली को सर्जरी के जरिये बाहर निकाले जाने का यह मध्य भारत का पहला मामला है.' उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के गले में फंसी कोई भी चीज उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है क्योंकि उनकी सांस की नली संकरी होती
























