शंकराचार्य विवाद के बीच कंप्यूटर बाबा ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कर दी यह बड़ी मांग
Shankaracharya Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका है. कंप्यूटर बाबा ने राष्ट्रपति के नाम पत्र में सनातन की रक्षा की मांग की है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ POCSO एक्टर के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसके बाद उन्हें कभी भी अरेस्ट किया जा सकता है. इस बीच कंप्यूटर बाबा (नामदेव दास त्यागी) ने न्याय की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है. कंप्यूटर बाबा ने शंकराचार्य के पक्ष में राष्ट्रपति से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले में जांच कर इंसाफ हो.
राष्ट्रपति के नाम पत्र भेजे जाने के बाद कंप्यूटर बाबा ने कहा, "आज महामहिम राष्ट्रपति महोदया को पत्र लिखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के सम्मान एवं सर्व समाज तथा सनातन धर्म की गरिमा और रक्षा हेतु न्याय की मांग की गई है. हमारी प्रार्थना है कि सत्य की विजय हो, धर्म का पताका सदैव ऊंचा रहे और संतों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो. सत्मेव जयते. यही सनातन का मूल मंत्र है. जय गौमाता."
कंप्यूटर बाबा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मां दुर्गा का रूप
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम पत्र में लिखा गया है, "हम सभी भारतीय नागरिक गौरवान्वित हैं कि आप जैसी विदुषी संविधान के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और इसीलिए हम आपमें मां सरस्वती के दर्शन करते हैं. सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमान भी आप ही में निहित है और इसलिए आप मां दुर्गा शक्ति का रूप भी हैं."
अविमुक्तेश्वरानंद के खिला षड्यंत्र का आरोप
कंप्यूटर बाबा ने पत्र में लिखा है, "हमारे पूजनीय शंकराचार्य श्री श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के विरुद्ध षड्यंत्र कर, संपूर्ण सनातन धर्म पर आक्रमण करने वाले महा पापियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो."
'प्रयागराज पुलिस ने की झूठी कार्रवाई'
कंप्यूटर बाबा ने आरोप लगाया है कि प्रयागराज पुलिस ने शंकराचार्य के खिलाफ झूठी कार्रवाई की है. उनका दावा है कि यह बात किसी से छुपी नहीं है. उन्होंने राष्ट्रपति से कहा है, "आपके प्रकाशीय कार्यकाल को कलंकित करती उक्त घटना पर आपका संज्ञान आवश्यक है."
इस बीच कंप्यूटर बाबा ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ झुंसी पुलिस थाना, प्रयागराज में की गई 'असत्य कार्रवाई' पर संज्ञान लें और सनातन धर्म और संतों के मान की रक्षा करें.
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Source: IOCL


























