Jharkhand DA Hike: झारखंड में सरकारी कर्मचारियों का बढ़ा महंगाई भत्ता, हेमंत सोरेन सरकार ने की 6 फीसदी की बढ़ोतरी
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता छह प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया है. साथ ही एकीकृत पेंशन योजना को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गई.

झारखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनधारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार (11 जुलाई) को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें सबसे अहम फैसला महंगाई भत्ता (DA) को लेकर रहा.
इसके तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को 6 प्रतिशत की वृद्धि दी गई है. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी। छठा केंद्रीय वेतनमान पाने वाले कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता अब 246 प्रतिशत से बढ़कर 252 प्रतिशत हो गया है.
किन्हें मिलेगा इसका लाभ?
इस निर्णय का लाभ सिर्फ वेतनमान छह के कर्मियों को ही नहीं, बल्कि पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आनेवाले कर्मियों को भी मिलेगा. इसके साथ ही पेंशनधारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी यह बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार राज्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार प्रतिबद्ध है. इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
एकीकृत पेंशन स्कीम को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में दूसरा बड़ा निर्णय राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (NPS) के अंतर्गत एकीकृत पेंशन योजना को लेकर हुआ. राज्य सरकार ने यह योजना उन कर्मचारियों के लिए लागू करने का निर्णय लिया है जिन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित तिथि तक ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का विकल्प नहीं चुना था. ऐसे कर्मचारियों को अब NPS के तहत एकीकृत पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प मिलेगा. हालांकि, जो कर्मचारी पहले से ओल्ड पेंशन स्कीम का विकल्प चुन चुके हैं, वे इस योजना से नहीं जुड़ पाएंगे.
एकीकृत पेंशन योजना का विकल्प अब अखिल भारतीय सेवा (All India Services) के उन अधिकारियों के लिए भी खुला रहेगा जो NPS के अंतर्गत आते हैं और इस स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं. इसके तहत राज्य सरकार का अंशदान भी तय कर दिया गया है, जिससे भविष्य में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मजबूत आधार मिल सकेगा. इस बैठक में झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की तारीखों को भी मंजूरी दी गई. सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें कुल 5 कार्यदिवस होंगे.
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Source: IOCL
























