CM हेमंत सोरेन ने सबसे कम उम्र की आदिवासी पीएचडी स्कॉलर को दिए 2 लाख रुपये, बढ़ाया हौसला
Jharkhand News: CM हेमंत सोरेन ने 24 वर्षीय सविता कच्छप को 2 लाख रुपये दिए. सविता का ट्रिपल आईटी रांची में इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में पीएचडी के लिए चयन हुआ है.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आदिवासी समुदाय से चयनित सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी सविता कच्छप से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक उनके परिजन को सौंपा.
सविता कच्छप डूंगरी टोली, अरगोड़ा रांची की निवासी हैं और वर्तमान में मधुकम स्थित अपनी नानी के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि वे आदिवासी समुदाय में सबसे कम उम्र (24 वर्ष) की अभ्यर्थी हैं, जिनका ट्रिपल आईटी, रांची में पीएचडी के लिए इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स में चयन हुआ है.
टेक्निकल फील्ड में पहली ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर
सविता कच्छप टेक्निकल फील्ड में पहली ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर भी हैं. उन्होंने IEEE में अंतरराष्ट्रीय नॉवेल्टी रिसर्च वर्क प्रेजेंट कर चुकी हैं. यह उनकी अकादमिक उत्कृष्टता और शोध क्षमता का प्रमाण है.
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला
मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता कच्छप की हौसला अफजाई करते हुए उनसे कहा कि वे आगे अपनी पढ़ाई और शोध कार्य जारी रखें. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हरसंभव उन्हें मदद करेगी.
परिवार भी रहा मौजूद
इस अवसर पर सविता कच्छप के परिजन एवं अन्य लोग भी उपस्थित रहे. यह झारखंड के आदिवासी समुदाय की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक पल था. यह पहल राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत आदिवासी और पिछड़े वर्ग के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सविता कच्छप की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी.
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