झारखंड में महिला आरक्षण पर सियासत, BJP नेताओं ने CM हेमंत सोरेन से विशेष सत्र बुलाने की मांग
Jharkhand Politics: मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' पेश किया था.

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. भाजपा नेताओं ने कहा है कि महिला आरक्षण से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर राज्य सरकार को विशेष पहल करनी चाहिए.
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' पेश किया था. उनका आरोप है कि विपक्षी दलों के सहयोग की कमी के कारण यह विधेयक संसद से पारित नहीं हो सका. जिसके बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में यह मामला तूल पकड़ेगा.
विधेयक पारित होने से बढ़ती महिला सीटों की संख्या
पत्र में कहा गया है कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो 2029 से देश की आधी आबादी को प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता. भाजपा नेताओं के अनुसार, इस बिल के लागू होने पर झारखंड में लोकसभा सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 हो सकती है, जिनमें 7 सीटों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा. इसी तरह विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 होने और 41 सीटों पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलने की बात भी पत्र में कही गई है.
वीरांगना फूलो-झानो का किया उल्लेख
बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू ने पत्र में कहा कि झारखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान मिला है. उन्होंने वीरांगना फूलो-झानो का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड की महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वह राज्यपाल की अनुमति लेकर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इसे दोबारा संसद में लाने का आग्रह करें.
Source: IOCL

























