गिरिडीह के नीरज हाजरा का शव जमुई के जंगल से बरामद, हत्या के आरोप में ग्रामीणों ने की सड़क जाम
Jharkhand News In Hindi: गिरिडीह जिले के नीरज हाजरा का शव बिहार के बिचकोड़वा जंगल से मिलने के बाद से इलाके में आक्रोश का महौल है. ग्रामीणों ने गुस्से में जमुआ–पंचम्बा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है.

झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के भीखोडीह गांव निवासी नीरज हाजरा का शव बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा जंगल से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. नीरज 4 जुलाई से लापता थे. शव मिलने की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां अचानक मातम छा गया. घटना के विरोध में शनिवार (11 जुलाई) सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चितरडीह पहाड़ी के पास जमुआ–पंचम्बा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा.
'नीरज हाजरा की गई हत्या'
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. मृतक के परिजनों का आरोप है कि नीरज हाजरा की हत्या की गई है. उनका कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी दी जाए. ग्रामीणों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. जमुआ पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप दास और खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटवाने और लोगों को शांत कराने का प्रयास करते रहे.
दिया गया न्याय का भरोसा
इस दौरान जमुई के पूर्व विधायक केदार हाजरा और बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के नेता कामेश्वर पासवान भी घटनास्थल पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया. फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है.






















