BMC Election 2026 के नतीजों में ठाकरे बंधुओं की हार पर बीजेपी सांसद ने ली चुटकी, कहा- आकर मिलूंगा...
महाराष्ट्र की राजधानी मुबंई में बृहन्मुंबई महानगर पालिका में ठाकरे बंधुओं की हार पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने तंज कसा है.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बृहन्मुंबई महानगर पालिका में शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की हार पर चुटकी ली है. रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल चुका है. 118 सीटों पर बीजेपी, 69 पर ठाकरे बंधु, 12 कांग्रेस और 11 पर अन्य आगे हैं.
बीएमसी चुनाव को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर दुबे ने लिखा कि मुम्बई आकर उद्धव ठाकरे जी तथा राज ठाकरे जी से मिलूंगा. उधर, बीजेपी नेता संजय निरुपम ने भी टिप्पणी की है. उन्होंने लिखा कि पूरा रिज़ल्ट आने से पहले ही विपक्ष का विधवा विलाप शुरु हो गया है. शर्मनाक है.
BMC के नतीजों पर बोले बिहार बीजेपी चीफ
इन सबके बीच भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बीएमसी चुनाव की काउंटिंग और राष्ट्रीय राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि आज पूरा मराठी मानुष भाजपा और एनडीए के साथ खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में भाजपा को लगातार जन समर्थन मिल रहा है.पटना में संजय सरावगी ने भरोसा जताया कि बीएमसी चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत होगी और नतीजे पार्टी के पक्ष में आएंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इन दावों के बाद उत्साह देखा जा रहा है और वे बड़ी जीत की उम्मीद जता रहे हैं.
इस दौरान उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक व्यंजनों का भी जिक्र किया. संजय सरावगी ने बताया कि बिहार की पहचान दाल-चूड़ा और लिट्टी-चोखा जैसे व्यंजनों से होती है. आज दोपहर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा आयोजित भोज में पार्टी के विधायक, सांसद, कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए नोटिस पर भी संजय सरावगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी.उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की कानून व्यवस्था की पोल खुल रही है. ये लोग बंगाल में जबरदस्ती जीत हासिल करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है. हार से पहले की घबराहट साफ नजर आ रही है.एक तरफ बीएमसी चुनावों की काउंटिंग पर सभी की नजरें टिकी हैं, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है.
Source: IOCL























