Jammu: 'नफरत की राजनीति करने वालों से दूर रहता हूं', सेमिनार में बोले फारूक अब्दुल्ला
World Cancer Day: कॉलेज के दिनों को याद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने प्रिंसिपल की बात बताई. उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल ने छात्रों को मरीज का दिल जीतने की बात समझाई थी.

Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने आज अपने कॉलेज के दिनों को याद किया. फारूक अब्दुल्ला कैंसर पर आयोजित सेमिनार में शिरकत करने जम्मू पहुंचे थे. सेमिनार का आयोजन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नफरत की राजनीति करने वालों से खुद को दूर रखने की बात उन्होंने कही.
पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्र जीवन को भी याद किया. उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल की कही बात आज भी याद है. बातों-बातों में पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "जब मैं जम्मू के मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो यहां साफ- सफाई अच्छी थी, कम डॉक्टर होने के बावजूद लोगों को उम्मीद बहुत थी. उस समय के प्रिंसिपल ने पहले संबोधन में मरीज का दिल जीतने की बात समझाई थी. मरीज को लगना चाहिए कि तुम उसके अपने हो."
फारूक अब्दुल्ला ने प्रिंसिपल की नसीहत को किया याद
उन्होंने कहा कि मैं जीवन भर प्रिंसिपल की नसीहत को भूल नहीं सकता. सेमिनार में मौजूद डॉक्टरों को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि मरीज के लिए भगवान के बाद आप हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को आपसे उम्मीद रहती है. उन्होंने कहा कि आज डॉक्टर के पास बहुत कम समय है. आज हर तरफ मरीज और सिफारिशें हैं.
चिकित्सा क्षेत्र में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देने का आह्वान
पूर्व मुख्यमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देने का आह्वान किया. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "मैं हमेशा सोचता हूं कि कब हमारे अस्पताल पश्चिम के अस्पतालों से मुकाबला करेंगे. अब मशीनों की कमी नहीं है. डॉक्टरों के बाद काम नसों का है." उन्होंने पिछले 10 वर्षों में नर्स को नौकरी नहीं मिलने पर चिंता जताई. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम दौलत के पुजारी हो गए हैं. दौलत और कुर्सी के पीछे दौड़ने वालों को उन्होंने नसीहत दी.
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Source: IOCL























