जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग पर लगा विराम? क्या बोली महबूबा मुफ्ती की PDP?
Jammu Kashmir News: पीडीपी ने केंद्र के साथ राज्य सरकार पर भी हमला बोला. प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह सोनू ने कहा कि दोनों सरकारें अगले एक साल तक जम्मू कश्मीर की जनता के हक को बहाल नहीं करेगी.

Jammu Kashmir Politics: केंद्रीय बजट में जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए 9,325.73 करोड़ का प्रावधान रखा गया है. इसका मतलब है कि अगले एक साल जम्मू कश्मीर पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन रहेगी. ऐसे में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग पर फिलहाल पूर्णविराम लग गया है.
इस बार के बजट में जम्मू कश्मीर को करीब 40000 करोड़ रुपये की सौगात दी गई है. वहीं, जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए 9,325.73 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. जम्मू कश्मीर को अगले एक साल तक राज्य का दर्जा नहीं मिलने पर सियासत शुरू हो गई है.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरा है. पीडीपी के प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह सोनू ने कहा है कि जहां एक तरफ बीजेपी कई बार यह कह चुकी है कि प्रदेश को जल्द ही राज्य का दर्जा दिया जाएगा. वही, उमर अब्दुल्ला सरकार भी प्रदेश को राज्य का दर्जा दिए जाने की वकालत करती रही है. उन्होंने कहा कि अब बजट से साफ हो गया है कि केंद्र और राज्य सरकार अगले एक साल तक जम्मू कश्मीर की जनता के हक को बहाल नहीं करेगी.
चुनी हुई सरकार को मिले पूर्ण जिम्मेदारी- शिवसेना
वहीं, शिवसेना ने आरोप लगाया है कि इसलिए 5 सालों से लगातार केंद्र सरकार प्रदेशवासियों के हितों पर डाका डालती रही है. शिवसेना ने कहा है कि चुनी हुई सरकार को जल्दी जम्मू कश्मीर की पूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी जाए. बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रविंद्र रैना ने जम्मू कश्मीर पुलिस को आवंटित रकम के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है.
राज्य का दर्जा मिलने के सवाल पर सियासत शुरू
उन्होंने कहा कि बजट में आवंटित रकम जम्मू कश्मीर पुलिस के आधुनिकीकरण पर खर्च होगा. जम्मू कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने रुख साफ नहीं किया. बता दें कि नेशनल कॉफ्रेंस के संरक्षक डॉ फारूक अब्दुल्ला कुछ दिन पहले बयान दे चुके हैं कि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा कब मिलेगा, भगवान ही जानता है.
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Source: IOCL






















