जम्मू-कश्मीर के सोपोर में शिक्षक पर आरोपों के बाद छात्र प्रदर्शन बना हिंसक, 8 गिरफ्तार और 25 की पहचान
Jammu-Kashmir Student Protest: छात्रों ने उर्दू के सीनियर लेक्चरर गुलाम हसन मीर पर कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया है. लेक्चरर के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.

- प्रशासन ने शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को कश्मीर के बारामुला ज़िले के सोपोर इलाके में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य 25 लोगों की पहचान की है. पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक शांति को भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. वास्तव में यह पूरा विवाद राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (GHSS) से जुड़ा है.
यहां के छात्रों ने उर्दू के एक सीनियर लेक्चरर गुलाम हसन मीर पर कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया है. लेक्चरर के खिलाफ छात्रों ने सोमवार (13 अप्रैल) को विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ने लगी शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, सड़कों पर जाम लगाया और बाद में तोड़फोड़ भी की. इसके बाद इस मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान अब तक लगभग 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनपर प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं. इसके अलावा 25 अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी भूमिका की जांच के बाद उनके खिलाफ भी आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सोपोर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इफ्तिखार तालिब ने जानकारी दी कि छात्रों की शिकायत के आधार पर आरोपी लेक्चरर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
वहीं, लेक्चरर हसन मीर के खिलाफ कश्मीर डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (DSEK) ने आरोपी लेक्चरर मीर को जांच पूरी होने तक GHSS से हटाकर बांदीपोरा के बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल (BHSS) भेज दिया गया. इस मामले के लिए नियुक्त जांच अधिकारी को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है.
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Source: IOCL


























