जम्मू-कश्मीर में 16 साल बाद जनगणना की शुरुआत, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
Jammu-Kashmir Census: जनगणना की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार ने कर्मचारियों की ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. यहां करीब 16 साल बाद जनगणना की प्रक्रिया होगी.

- जनगणना दो चरणों में, पहाड़ी क्षेत्रों में 2026 में होगी.
जम्मू कश्मीर में करीब 16 साल बाद जनगणना की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है. प्रदेश में यह जनगणना इस बार आधुनिक उपकरणों की मदद से पेपरलेस तरीके से की जाएगी. साल 2011 के बाद अब जाकर 2026 से जम्मू कश्मीर में जनगणना की प्रक्रिया की शुरुआत हुई है. आमतौर पर जनगणना 10 साल बाद होती है, लेकिन जम्मू कश्मीर में विपरीत परिस्थितियों के चलते इस बार प्रदेश में यह जनगणना का काम 16 साल बाद किया जा रहा है. सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी 30000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को दी गई है.
इस जनगणना की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार ने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. प्रदेश के प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर अमित शर्मा के मुताबिक जम्मू कश्मीर में जनगणना काफी अंतराल के बाद होने जा रही है. आमतौर पर जनगणना 10 साल के अंतराल में होती है, लेकिन जम्मू कश्मीर में यह 16 साल बाद होने जा रही है. उन्होंने कहा, "इस बार की जनगणना को लेकर उत्सुकता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि एक तो यह काफी लंबे समय के बाद होने जा रही है और दूसरा यह पेपरलेस सेंसेस होगा."
कब से शुरू होगी स्व-गणना?
अमित शर्मा के मुताबिक जिस डिजिटल इंडिया की आज बात हो रही है, यह उसका एक उदाहरण है. इसके तहत सभी सुपरवाइजर अपने डिवाइस पर लोगों को रजिस्टर करेंगे. यह सारा डाटा इनफॉरमेशन सेंटर में चला जाएगा जहां से इसे बहुत जल्द जनता के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा. उन्होंने कहा, "यह सेंसेक्स जम्मू कश्मीर में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन से शुरू होगा जो जून के महीने में चलेगा. इससे पहले 'स्व-गणना' पोर्टल पर लोग अपने आप को रजिस्टर कर सकेंगे. 17 मई से 'स्व-गणना' शुरू हो जाएगी."
2 चरणों में होगी जनगणना
गौरतलब है कि अभी तक जम्मू कश्मीर के विकास या विकास परियोजनाओं का काम 2011 के जनगणना के आधार पर होते हैं. यहां जनगणना के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में एक इसकी भौगोलिक स्थिति भी है. पहाड़ों और दूर दराज इलाकों में इंटरनेट सुविधा न होने के चलते वहां पर यह कार्यवाही घर-घर जाकर विभाग के सुपरवाइजर करेंगे. वहीं, सुरक्षा के मुद्दे का भी सरकार पूरा ध्यान ख रही है. जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल ढुल्लू के मुताबिक जम्मू कश्मीर में जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में 2026 में और मैदानी इलाकों में फरवरी 2027 में जनगणना की जाएगी.























