15 अगस्त पर कश्मीरी पंडितों के वर्क फ्रॉम होम पर रोक, जानें मामला?
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 15 अगस्त पर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को समारोह में शामिल होने का निर्देश दिया है. कर्मचारियों को वर्क फ्रॉर्म करने से मना कर दिया गया.

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को ऑनलाइन आतंकी धमकियां मिलने के बीच, कश्मीर में डिविजनल प्रशासन ने सरकार समेत सभी लोगों से 15 अगस्त को अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने की अपील की है.
सरकार ने पहले ही एक सर्कुलर जारी कर सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य कर दिया है और इसे कर्मचारियों की आधिकारिक ड्यूटी का हिस्सा बताया है.
इस आदेश से कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में घबराहट फैल गई है, जो हाल ही में 7 और 11 अगस्त को 'ULF' नाम के एक कम ज्ञात आतंकी संगठन (जिसके लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का शक है) की ऑनलाइन धमकियों के बाद से घर से काम कर रहे थे.
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कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर ने दी सफाई
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने शुक्रवार को कहा कि PM पैकेज वाले कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहने वाला कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल सरकारी और प्रशासनिक चैनलों के जरिए दी गई सही जानकारी पर ही भरोसा करें.
कई कश्मीरी पंडित नेताओं ने डिविजनल कमिश्नर के आदेश पर सवाल उठाए हैं और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि क्या कर्मचारियों को समारोहों और अपने-अपने दफ्तरों में शामिल होना है.
राजनीतिक कार्यकर्ता ने क्या लिखा?
राजनीतिक कार्यकर्ता राकेश हंडू ने X पर अपनी पोस्ट में LG ऑफिस और अन्य लोगों को टैग करते हुए लिखा, "डिविजनल कमिश्नर कश्मीर की ओर से ऐसे विरोधाभासी बयान क्यों आ रहे हैं? J&K सरकार ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से घर से काम करने को कहा था, क्योंकि LeT से जुड़े एक समूह से धमकी मिलने की बात कही गई थी."
उन्होंने आगे लिखा, "लेकिन, धमकियां सामने आने से पहले ही जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर और जम्मू में तैनात सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए 15 अगस्त को मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होना अनिवार्य करने वाला एक सख्त सर्कुलर जारी कर दिया था. यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी किया गया था."
डिविजनल कमिश्नर ने किया आदेश से इनकार
धमकियों के बाद, प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कई कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से सुरक्षा चिंताओं के कारण मौखिक रूप से घर से काम करने के लिए कहा गया था. हालांकि अब डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा है कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था.
गर्ग ने ऐसे किसी भी आदेश या जुबानी निर्देशों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन ने श्रीनगर में स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले कर्मचारियों, निवासियों और आम जनता के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं.
उन्होंने कहा, "हमें सरकार और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सही जानकारी के स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए." अंशुल गर्ग ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए निवासियों को शनिवार को बख्शी स्टेडियम में होने वाले मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सुबह 10 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लोगों को संबोधित करेंगे.
गुरुवार को बख्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई, जिसमें लगभग 20 दिनों की तैयारियों के बाद परेड टुकड़ियों और सांस्कृतिक समूहों ने हिस्सा लिया. इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने समारोह के सुचारू और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की है.


















