जंतर-मंतर के बाद फिर अभिजीत दीपके ने किया आंदोलन का ऐलान, बताया प्लान?
महाराष्ट्र में CJP के फाउंडप दीपके ने अपने गांव से स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया. उन्होंने बच्चों को समान अवसर देने और सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच की मांग की.

महाराष्ट्र में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बराबर अवसर नहीं मिल पा रहे हैं. दीपके ने कहा कि अच्छी शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है. सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बेहतर होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है और उनके भविष्य के अवसर भी बढ़ेंगे.
अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल और बच्चों को मिलने वाले अवसरों पर ध्यान देने की मांग की जा रही है. उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी बच्चे को बेहतर शिक्षा के अवसरों से वंचित नहीं होना चाहिए. CJP के फाउंडर ने कहा कि संगठन अब सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जांच के लिए भी अभियान शुरू करेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज में देरी होने से मरीजों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. अभियान के तहत अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की स्थिति को देखा जाएगा.
Even after 80 years of Independence, our govt schools still lack basic amenities.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 15, 2026
I spoke to the Sarpanch of my village, who has assured that the Panchayat will resolve all these issues within a week.
Change is possible when we come together and act.#SchoolThikKaro pic.twitter.com/HB4cWKj4D8
दीपके ने ट्वीट कर क्या कहा?
महाराष्ट्र स्कूल ठीक करो अभियान को लेकर दीपके ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि आज़ादी के 80 साल बाद भी, हमारे सरकारी स्कूलों में अभी भी बेसिक सुविधाओं की कमी है. मैंने अपने गांव के सरपंच से बात की, जिन्होंने भरोसा दिलाया है कि पंचायत एक हफ़्ते के अंदर इन सभी दिक्कतों को सुलझा देगी. जब हम सब मिलकर काम करेंगे तो बदलाव मुमकिन है.
शिक्षा और स्वास्थ्य को बताया जरूरी मुद्दा
दीपके ने कहा कि बेहतर स्कूल और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आम लोगों की बुनियादी जरूरत हैं. सरकारी संस्थानों की व्यवस्था मजबूत होने से समाज के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा.






















