गणतंत्र दिवस: 'जल्द बहाल हो राज्य का दर्जा', डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने रखा जम्मू कश्मीर सरकार का विजन
Republic Day 2026: जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने श्रीनगर में गणतंत्र दिवस पर जम्मू-कश्मीर के विकास और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का रोडमैप पेश किया.

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने राज्य के भविष्य, विकास और बहाली को लेकर सरकार का रोडमैप पेश किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश को जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलेगा.
संबोधन के दौरान सुरिंदर चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के विजन के अनुरूप जम्मू-कश्मीर को अपना पुराना स्वरूप और गौरव जल्द ही हासिल होगा.”
उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पैदा हुई वित्तीय चुनौतियों का भी जिक्र किया. चौधरी ने कहा कि राज्य से UT बनने के बाद फंड के प्रवाह में कमी आई है. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि जम्मू-कश्मीर की अनूठी चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त फंड जारी किया जाए.
आम जनता और मजदूरों के लिए बड़े वादे
उप मुख्यमंत्री ने सरकार की जनहितैषी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार दिहाड़ी मजदूरों को स्थायी दर्जा (Regularization) देने के अपने वादे पर कायम है और इस पर तेजी से काम हो रहा है. आगामी बजट को लेकर उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि यह पूरी तरह 'पीपुल फ्रेंडली' होगा. श्रीनगर में यातायात को सुगम बनाने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 200 नई लाल बसें शुरू की गई हैं.
बुनियादी ढांचा और डिजिटल क्रांति
चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है ताकि शासन में पारदर्शिता और कुशलता आए. उन्होंने कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया कि जो पुल दशकों से अधूरे पड़े थे, सरकार ने उन्हें पूरा कर दिखाया है. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उन्होंने दक्षिण कश्मीर में नए कचरा प्रबंधन संयंत्र की घोषणा की और साफ पेयजल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
विरासत और सशक्तिकरण
उप मुख्यमंत्री ने बसौली पेंटिंग, कानी शॉल और स्थानीय हस्तशिल्प को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और इनके संरक्षण का संकल्प लिया. साथ ही, उन्होंने महिला सशक्तिकरण को सरकार की मूल नीति का हिस्सा बताया. संबोधन का समापन उन्होंने "जय हिंद, जय भारत" के नारों के साथ किया.
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Source: IOCL

























