LG मनोज सिन्हा ने 2 सरकारी कर्मचारियों को किया बर्खास्त, आतंकवादियों की मदद करने का था आरोप
Jammu Kashmir News: बर्खास्त किए गए कर्मचारियों पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ काम करने का आरोप था. इसके अलावा आतंकवादियों को भोजन पहुंचाने का आरोप है.

Jammu Kashmir News: आतंकवाद के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार (10 अप्रैल) को आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए दो सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया.
यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 311(2)(सी) के तहत की गई, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में विभागीय जांच के बिना बर्खास्तगी की अनुमति देता है. बर्खास्त किए गए लोगों में लोक निर्माण विभाग में वरिष्ठ सहायक इश्तियाक अहमद मलिक और जम्मू-कश्मीर पुलिस में सहायक वायरलेस ऑपरेटर बशारत अहमद मीर शामिल हैं. अधिकारियों ने कहा कि दोनों के आतंकी नेटवर्क से 'गहरी जड़ें' थीं और वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'गंभीर खतरा' थे.
हिजबुल मुजाहिदीन के साथ काम करने का आरोप
साल 2000 में मलिक पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ काम करने का आरोप था. सूत्रों ने कहा कि उन्होंने न केवल ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क बनाने में मदद की, बल्कि आतंकवादियों को भोजन, आश्रय और रसद सहायता भी प्रदान की. जांच में पता चला कि 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद हुई अशांति के दौरान हिंसक भीड़ को संगठित करने में उसकी भूमिका थी.
मई 2022 में गिरफ्तार किए गए हिज्ब कार्यकर्ता मोहम्मद इशाक से पूछताछ के दौरान मलिक का नाम सामने आया. बाद में दोनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप पत्र दायर किया गया.
दोनों पर गंभीर आरोप
जम्मू-कश्मीर पुलिस के वायरलेस विंग में संवेदनशील पदों पर रहे बशारत अहमद मीर कथित तौर पर एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव के संपर्क में थे और उन्हें वर्गीकृत जानकारी साझा करते हुए पाया गया. सूत्रों ने कहा कि भारत की अखंडता और संप्रभुता के साथ किसी भी तरह के समझौते को रोकने के लिए उनकी बर्खास्तगी आवश्यक थी.
अब तक 70 कर्मचारियों पर एक्शन
इससे एलजी मनोज सिन्हा के कार्यकाल में आतंकी संबंधों के कारण बर्खास्त किए गए सरकारी कर्मचारियों की कुल संख्या 70 से अधिक हो गई है. एलजी के प्रशासन ने आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें चरमपंथ को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ विकासात्मक पहल भी शामिल हैं.
'अंतिम सांस ले रहा आतंवाद'
एलजी मनोज सिन्हा ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश दिया था और दोहराया था कि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद अंतिम सांसें ले रहा हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















