आतंकियों का महिमामंडन करने वाली किताब के मामले में FIR, प्रकाशक के सभी ठिकानों पर छापा
Jammu Kashmir News In Hindi: आतंकवादियों और अलगाववादियों का महिमामंडन करने वाली किताब को लेकर उपराज्यपाल ने आठ कर्मचारियों को सस्पेंड किया और पुलिस प्रकाशक के ठिकानों पर छापे मार रही है.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और अलगाववादियों का महिमामंडन करने वाली किताब ग्रेट पर्सनेलिटीज एंड लीजेंड्स आफ जम्मू कश्मीर के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू हो गया है. इस किताब की सुर्खियों में आने के बाद पहले जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आठ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. वहीं शनिवार की देर रात इस मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट जम्मू ने मामला दर्ज कर प्रकाशक के ठिकानों पर छापे मारे हैं.
पुलिस ने किताब के प्रकाशक की दुकान पर मारा छापा, खंगाले रिकॉर्ड
एबीपी न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट जम्मू ने इस पुस्तक की जांच के लिए पुलिस स्टेशन काउंटर इंटेलिजेंस जम्मू में भारतीय न्याय संहिता की धारा 49, 61(2), 152, 196, 353 और UAP एक्ट की धारा 13 के तहत FIR नंबर 3/2026 दर्ज की है. पब्लिशर के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस के अनुसार, इस रिपोर्ट को दाखिल करने तक फिजिकल और डिजिटल सबूत जब्त किए जा चुके हैं.
काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट जम्मू और इस मामले में इस किताब के प्रकाशक ओबेरॉय पब्लिशर्स की दुकान पर छापा मारा और वहां रिकॉर्ड खंगाले. पुलिस सूत्रों के मुताबिक ओबेरॉय पब्लिशर की दुकान सेके डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड्स सीज किए गए.
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किताब पर समग्र शिक्षा का लोगो लगाकर स्कूलों की लाइब्रेरी में बांटा गया
गौरतलब है कि इस किताब को प्रदेश में समग्र शिक्षा नीति के तहत छापा गया है. यह किताब जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में भेजी गई थी. ग्रेट पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (सीरीज 4). इस किताब को प्राइवेट पब्लिशर 'ओबेरॉय बुक्स सर्विस' ने छापा है और इसे हिलाल अहमद और संतोष मीना ने एडिट किया है. जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2025-26 एकेडमिक सेशन के दौरान 'समग्र शिक्षा योजना' के तहत इसे खरीदा था.
इस किताब पर समग्र शिक्षा का लोगो लगाकर स्कूलों की लाइब्रेरी में बांटा गया है. इस किताब में मकबूल भट जैसे आतंकवादी और दोषी व्यक्ति, और सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक और मौलवी फारूक जैसे अलगाववादी नेताओं के लिए खास चैप्टर दिए गए हैं.






















