सीएम सुक्खू ने दिया हिमाचल प्रदेश में तबाही का ब्योरा, 2023 की तुलना में इस बार ज्यादा नुकसान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा और कांगड़ा के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. खराब मौसम के बावजूद, सरकार राहत कार्यों में जुटी है. सड़क, बिजली और पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार (30 अगस्त) को जिला चंबा के भरमौर, मणिमहेश और अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ कांगड़ा जिले में पौंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ प्रभावित फतेहपुर और इंदौरा के मंड क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया.
मुख्यमंत्री पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से भरमौर के लिए रवाना हुए, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका.
विनाश का पैमाना कहीं ज्यादा
चंबा में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा समय पर उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण जन जीवन की हानि साल 2023 की तुलना में कम हुई है, लेकिन इस बार विनाश का पैमाना कहीं अधिक है.
सड़क, बिजली, पानी आपूर्ति और संचार सेवाएं 2023 की तुलना में अधिक प्रभावित हुई हैं. राज्य सरकार के समक्ष लोगों के पुनर्वास की एक बड़ी चुनौती है, जिसे हम प्रदेशवासियों के सहयोग से पार करेंगे. उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार विशेष राहत पैकेज प्रदान करेगी.
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी भरमौर के लिए निकले पैदल
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातार जमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. सरकार आपदा प्रभावितों को हर संभव राहत पहुंचाने और चम्बा-भरमौर मार्ग में संपर्क सुविधा बाधित होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चंबा से पैदल ही भरमौर के लिए रवाना हुए हैं. यह दर्शाता है कि राज्य सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संवेदनशीलता के साथ इस संकट का सामना कर रही है.
अनुकूल परिस्थिति में लोगों को एयरलिफ्ट करेंगे
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रही है. इसके लिए पोकलेन, जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी तैनात की गई है. जिला प्रशासन को यथाशीघ्र सड़क संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं. हालांकि, खराब मौसम राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है.
भरमौर क्षेत्र में फंसे लोगों की सकुशल वापसी के लिए प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं जो मौसम की अनुकूल परिस्थिति होने पर लोगों को एयरलिफ्ट करेंगे.
मौसम के कारण मणिमहेश यात्रा स्थगित
बीजेपी नेताओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय अफवाहें फैला रहे हैं. बीजेपी विधानसभा का मानसून सत्र स्थगित करने की मांग कर रही है, जबकि 2023 में यही पार्टी विधानसभा सत्र बढ़ाने की मांग कर रही थी.
मणिमहेश यात्रा स्थगित करने का निर्णय मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है. हमें अपनी देव यात्राओं और मणिमहेश यात्रा पर पूर्ण आस्था है, लेकिन भाजपा नेताओं का इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है.
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Source: IOCL






















