शिमला में आवारा कुत्तों पर मचा बवाल, नगर निगम में बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों का हंगामा
शिमला में आवारा कुत्तों का मुद्दा गरमा गया है. बच्चों के काटे जाने पर नगर निगम में हंगामा हुआ. मेयर से तीखी बहस हुई. शिमला में कुत्तों व बंदरों के काटने के 2700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं.

Shimla News: शिमला में आवारा कुत्तों का मामला गरमा गया है. दरअसल बुधवार को शिमला में 2 बच्चों को कुत्तों ने काट लिया. एक बच्चे के पिता ने तो विरोध स्वरूप नगर निगम शिमला कार्यालय के बाहर धरना दे दिया. शाम को नगर निगम शिमला की मासिक बैठक थी. उस बैठक में भी आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर जमकर हंगामा हुआ.
बीजेपी पार्षदों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या का मामला सदन में उठाया और स्थाई हल निकालने की मांग को लेकर सदन में ही नारेबाजी करते हुए धरना दिया. इसी बीच कांग्रेस के पार्षद नरेंद्र ठाकुर भी बीजेपी के पार्षदों के साथ धरने पर बैठ गए और महापौर के साथ काफी देर तक बहस बाजी की. हंगामा बढ़ता देख महापौर को 10 मिनट के लिए हाउस स्थगित करना पड़ा.
सदन में खूब हुआ हंगामा
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह मामला सरकार को भेजा है. लेकिन पार्षद ने कहा कि सरकार को भेजने से कुछ नहीं होगा, इस मामले पर हमें अपने ही कुछ नियमों में संशोधन करना होगा. यदि न्यायालय के आदेश है तो न्यायालय में मामला उठाना होगा. मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा, "अगर आपको राजनीति करनी है और फोटो खींचवानी है तो खिंचवा लो. मैं लोगों के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं. शहर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा हूं.''
इस पर मामला और बिगड़ गया और सदन में खूब हंगामा हुआ. मामले में आज कुत्तों के काटने को लेकर नाथूराम चौहान Chief ACCF ने कहा कि यदि आप कुत्तों से शिमला को निजात नहीं दिला सकते तो आपको पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.
कुत्तों व बंदरों के काटने के 2700 से ज्यादा मामले
बीते एक साल के दौरान शिमला शहर के अलग-अलग अस्पतालों में कुत्तों व बंदरों के काटने के 2700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इससे खासकर बच्चे व महिलाएं शिमला में घरों में कैद होकर रह गई हैं. शिमला में रोजाना 8 से 10 मामले बंदरों के काटने के आते हैं. वैसे भारत में कुत्तों के काटने से मृत्यु का अनुमानित आंकड़ा लगभग 48 व्यक्ति प्रति साल है.
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Source: IOCL






















