हिमाचल बाढ़: पोंग बांध से पानी छोड़े जाने से कांगड़ा में तबाही, सैकड़ों लोगों को बचाया गया
Himachal Flood: कांगड़ा में पौंग बांध से पानी छोड़ने से इंदौरा और फतेहपुर प्रभावित हैं. अरनी यूनिवर्सिटी से 300 छात्रों को NDRF ने बचाया. बड़ा भंगाल में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ.

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग बांध से छोड़े जा रहे पानी ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्र पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं. लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. इसी कड़ी में इंदौरा विधानसभा क्षेत्र स्थित अरनी यूनिवर्सिटी में देर रात पानी भर गया. हालात बिगड़ते देख स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीम ने यूनिवर्सिटी में रह रहे छात्रों का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 300 से ज़्यादा छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
धर्मशाला में ADM शिल्पी बेक्टा ने बताया कि BBMV से पहले ही सूचना दी गई थी कि पौंग बांध से पानी छोड़ा जाएगा. यह सिलसिला पिछले एक हफ़्ते से लगातार जारी है. ADM ने कहा कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर तक पहुंचाना है. फिलहाल फतेहपुर में एक रेस्क्यू शेल्टर बनाया गया है जहां 27 परिवारों के 127 लोग रह रहे हैं. वहीं इंदौरा में तीन शेल्टर स्थापित किए गए हैं, जहां करीब 820 लोग ठहरे हुए हैं. ADM ने कहा कि ब्यास नदी का जलस्तर घटने के बाद ही नुकसान का पूरा आकलन किया जा सकेगा.
'85 क्विंटल राशन भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया'
इधर, कांगड़ा जिले के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल से भी तबाही की ख़बर सामने आई है. मंगलवार शाम को बड़ा भंगाल में बादल फटने की घटना हुई, जिसकी जानकारी बुधवार (27 अगस्त) सुबह पंचायत सचिव के ज़रिए प्रशासन तक पहुंची. ADM ने बताया कि इस आपदा में पंचायत घर, राशन डिपो (जिसमें 60 क्विंटल राशन रखा था), सरकारी स्कूल, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी और रावी नदी पर बन रहा पुल पूरी तरह से बह गया है. इतना ही नहीं, एडवांस में भेजा गया 85 क्विंटल राशन भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया. इस समय बड़ा भंगाल में करीब 300 स्थानीय लोग और 150 घुमंतू पशुपालक मौजूद हैं.
'188 क्विंटल राशन अतिरिक्त तौर पर भेजा गया'
वहां दवाइयों और राशन का प्रबंध प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. फिलहाल वहां 10 दिनों का राशन उपलब्ध है और 188 क्विंटल राशन अतिरिक्त तौर पर भेजा गया है. ADM ने कहा कि सबसे आसान रास्ता हेलीकॉप्टर से सप्लाई पहुंचाने का था, लेकिन धौलाधार की पहाड़ियों पर लगातार बादल और धुंध छाए रहने के कारण उड़ान संभव नहीं हो पाई. इस बीच संपर्क साधने के लिए सैटेलाइट फोन बैजनाथ से बड़ा भंगाल भेजा गया है और पंचायत प्रधान प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं.
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Source: IOCL






















