हिमाचल में भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ से तबाही, नदी-नाले उफान पर, चम्बा में दो की मौत
Shimla Flood News: शिमला में मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित, भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें बंद, डैमों से छोड़े गए पानी से नदी-नालों में उफान पर, कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए.

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर एक बार फिर लोगों पर कहर बनकर टूटा है. रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश ने प्रदेश का जनजीवन को तहस नहस कर दिया है. जगह-जगह भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें बंद हो गईं, नदी-नाले उफान पर हैं और कई डैमों से पानी छोड़े जाने से खतरा और बढ़ गया है.
किन्नर कैलाश यात्रा रोकी गई
शिमला, मंडी, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में भारी बारिश हुई है. कोलडैम, लारजी डैम और नाथपा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है. भारी बारिश के चलते मंडी, शिमला, कुल्लू और सिरमौर के कई उपमंडलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र सोमवार को बंद रहे. किन्नौर में किन्नर कैलाश यात्रा को भी एक दिन के लिए रोका दिया गया है.
प्रदेश में 3 राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 398 सड़कें बंद हुंई
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 3 राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 398 सड़कें बंद हो गई हैं. इसके अलावा 682 बिजली ट्रांसफार्मर औऱ 151 पेयजल स्कीम ठप हैं. मंडी जिले में सबसे ज्यादा 242 सड़कें बंद हैं. मंडी में दो और सिरमौर में एक नेशनल हाईवे भी ठप पड़ा है. मंडी में 294, कुल्लू में 186, हमीरपुर में 117 ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित है.
शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र की अंटी-छाजपुर सड़क पर एक कार पेड़ की चपेट में आ गई, गनीमत रही कि दोनों लोग समय रहते बाहर निकल गए. शिमला के चौड़ा मैदान के पास भी लैंडस्लाइड से पुनीत ठाकुर की कार मलबे में दब गई, जिसमें तीन लोग सवार थे, सभी सुरक्षित हैं. संजौली कॉलेज के पास दो बड़े पेड़ गिरने से सड़क बंद हो गई और दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं. शिमला-चौपाल मार्ग पर भी कई जगह पेड़ गिरने से सेब से लदे ट्रक और अन्य वाहन फंस गए हैं.
सौ से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा
सिरमौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-707 सतोन और उतरी गांव के पास भारी भूस्खलन से बंद हो गया है. इससे शिलाई क्षेत्र के सौ से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया. इससे सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर उगाने वाले किसानों को हो रहा है, जिनकी फसल खेतों में ही सड़ रही है. दफ्तर जाने वाले, स्कूल बच्चे और मरीजों को भी खासी दिक्कत हो रही है.
चम्बा जिले के ग्राम पंचायत चढ़ी के सूताह गांव में रविवार रात भारी बारिश से मकान पर चट्टान गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई. महिला पांच दिन पहले मायके आई थी और उसका पति उसे वापस लेने आया था, लेकिन देर रात हादसा हो गया.
चंबा के ही तीसा मुख्य मार्ग (जसौरगढ़ जीरो पॉइंट) पर सडक किनारे खड़ी दो कारों पर, पहाड़ी से चट्टानें गिरने से, दोनों कारें गहरी खाई में जा गिरी है. हादसे के वक्त कारों में कोई भी व्यक्ति मोजूद नहीं था, लोग सुरक्षित है.
प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 132 लोगों की मौत, 223 घायल और 34 लोग लापता हैं. मंडी और कांगड़ा में सबसे ज्यादा 21-21 लोगों की मौत हुई है. कुल्लू में 15, चम्बा में 14, शिमला में 11, सोलन व हमीरपुर में 10-10 और ऊना में 9 लोगों की मौत हुई है.
मंडी में 936 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त हुए
अब तक 393 मकान, 276 दुकानें और 1007 गौशालाएं पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं. वहीं 769 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है. करीब 1246 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है. मंडी जिले में सबसे ज्यादा तबाही दर्ज की गई है. मंडी जिला में 936 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 365 घर पूरी तरह से ध्वस्त हुए. जिले में 253 दुकानें व 805 गौशालाएं भी धराशायी हुईं हैं.
राज्य में अब तक भूस्खलन की 24, फ्लैश फ्लड की 36 और बादल फ़टने की 23 घटनाएं सामने आई हैं. इसमें मंडी जिला में बादल फ़टने की 15, फ्लैश फ्लड की 11 व भूस्खलन की 4 घटनाएं हुई हैं.
मौसम विभाग ने आगे के लिए क्या कहा?
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा वर्षा कांगड़ा के गग्गल में 150 मिमी, नगरोटा सुर्रियाँ में 130, मंडी के संधोल व चम्बा के चुआडी में 120, मंडी और घुमारवीं में 110, जोगिंदरनगर व नाहन में 100, रेणुका, पंडोह व पच्छाद में 90 मिमी दर्ज की गई है.
इस के बाद 22 जुलाई को चम्बा और कांगड़ा जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट और ऊना, मंडी व सिरमौर के लिए भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही 23 से 27 जुलाई तक भी कई जगह भारी वर्षा का येलो अलर्ट रहेगा.
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Source: IOCL





















