'शादी की सालगिरह पर आई ऐसी खबर...', पुलवामा हमले में शहीद जवान तिलक राज की पत्नी ने बयां किया दर्द
Pulwama Attack 6th Anniversary: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हिमाचल के तिलक राज शहीद हो गए थे. इसी दिन उनकी शादी की सालगिराह भी थी और बेटा केवल 28 दिन का था.

Himachal Pradesh News: साल 2019 में 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की याद आज भी हर किसी के जहन में ताजा है. यह कायराना हमला हर भारतीय को ग़ुस्से से भर देता है. पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हिमाचल प्रदेश के तिलक राज भी शहीद हो गए थे. वे जिला कांगड़ा के उपमंडल जवाली के धेवा गांव के रहने वाले थे. एक दिन पहले 13 फरवरी 2019 को ही उन्होंने घर पर बात की थी. 14 फरवरी को हुए हमले के बाद उनके बलिदान होने की खबर ही घर वालों को मिली, जिसने उन्हें हिलाकर रख दिया.
14 फरवरी को ही थी शादी की सालगिरह
14 फरवरी को ही तिलक राज और उनकी धर्मपत्नी सावित्री देवी की शादी की सालगिरह भी थी. जब तिलक राज बलिदान हुए, उस वक़्त उनका बेटा सिर्फ़ 28 दिन का था. बलिदानी तिलक राज बचपन से ही गाने का भी शौक रखते थे और छुट्टियों के दौरान वे गाने भी रिकॉर्ड करते थे. आज उनके बलिदान के छह साल पूरे हो चुके हैं और उनके घर वाले यह दर्द नहीं भुला पा रहे. बलिदानी तिलक राज की धर्मपत्नी सावित्री देवी आज के दिन भी उन्हें उतना ही याद कर रही हैं.
अब राजस्व विभाग में क्लर्क हैं सावित्री देवी
सावित्री देवी को राज्य सरकार की ओर से राजस्व विभाग में क्लर्क की नौकरी मिल चुकी है. सावित्री देवी कहती हैं कि वे आज भी उस दिन को नहीं भुला पाती. उन्हें अपने पति के बलिदान होने की जानकारी दूसरे लोगों से मिली थी. इसके बाद वे अपनी सुधबुध खो चुकी थी. सावित्री देवी कहती हैं कि वे अपना दर्द बयां नहीं कर सकतीं. सावित्री देवी कहती हैं कि जिसके साथ यह सब हुआ हो, वही इसे महसूस कर सकता है.
पहले घर की आर्थिक स्थिति भी नहीं थी ठीक
तिलक राज का जन्म 2 मई, 1988 को हुआ था. उनके पिता लायक राज मजदूरी करते हैं और माता विमला देवी गृहिणी हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला धेवा में हुई थी. स्कूल घर से डेढ़ किमी दूर था और वह हर रोज पैदल ही स्कूल जाते थे. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण तिलक राज ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और फोटोग्राफी का काम शुरू कर दिया था. इसके बाद तिलक राज साल में केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीपीआरएफ) में भर्ती हुए थे.
इसे भी पढ़ें: शीतलहर की चपेट में हिमाचल के मैदानी इलाके, पहाड़ों पर माइनस में लुढ़का तापमान
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















