हिमाचल: शिक्षा विभाग के चेक में स्पेलिंग की कई गलतियां, सस्पेंशन के ऑडर्र में भी त्रुटियां
Himacha News: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में स्पेलिंग की गलतियों का मामला सामने आया है. एक वायरल चेक में गलतियाँ पाई गईं, जिसके बाद ड्राइंग मास्टर को निलंबित कर दिया गया.

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के कारनामे देश भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. एक तरफ़ शिक्षा के के क्षेत्र में हिमाचल अव्वल होने का दंभ भरता है, तो दूसरी तरफ विभाग अक्षर ज्ञान में लापरवाही बरतने को लेकर सोशल मीडिया पर किरकिरी करवा रहा है. हिमाचल के सिरमौर जिला में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चेक वायरल हुआ. उस चेक में कई इंग्लिश स्पेलिंग गलतियां हुई. चेक सिरमौर के रोनहाट स्कूल के डीएम यानी ड्राइंग मास्टर ने काटा था.घटना 25 सितंबर की है. बैंक ने इस चेक को पढ़े जाने योग्य नहीं की टिप्पणी के साथ लौटा दिया. बाद में ये चेक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मामले ने तूल पकड़ा तो आनन-फानन में ड्राइंग मास्टर के सस्पेंशन ऑर्डर निकाल दिए गए. जांच में डीएम ने माना का ध्यान भटकने के कारण ये गलती हुई.
निलंबन आदेश में भीपाई गईं कई अंग्रेजी शब्दों की गलतियां
बात यहीं खत्म नहीं हुई शिक्षा विभाग का एक और तमाशा सामने आया. विभाग के जिला सिरमौर के डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की तरफ से जो निलंबन आदेश पारित किया गया, उसमें भी त्रुटियों की भरमार थी. सस्पेंशन ऑर्डर में प्रिंसिपल, स्पेलिंग, एजुकेशन, हेड क्वार्टर आदि गलत लिखे गए थे. जहां हेडक्वार्टर लिखना था, वहां हेडक्वार्टर्स कर दिया गया था. एक जगह सीनियर सेकेंडरी स्कूल लिखने की बजाय गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल ही लिखा गया था. सीनियर शब्द गायब कर दिया गया. एजुकेशन में एक आई अतिरिक्त लगाया हुआ था.
भूल सुधार का मिलना चाहिए अवसर
इसके बाद निलंबित शिक्षक के पक्ष में भी कुछ शिक्षक संगठन सामने आए. राजकीय सीएंडवी शिक्षक संघ का कहना है कि कोई बैंक कर्मी कैसे चेक को वायरल कर सकता है? संघ ने डीएम के निलंबन को निरस्त करने की मांग की और कहा कि शिक्षक को भूल सुधार का अवसर मिलना चाहिए.
पहले भी कई अधिसूचनाओं में होती रही हैं गलतियां
जिला सिरमौर के डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन राजीव ठाकुर ने कहा-निलंबन आदेश में गलतियां जरूर हैं और ये अच्छी बात नहीं है. प्रारंभिक जांच में एक तथ्य ये भी आया है कि की-बोर्ड में खराबी के कारण टाइपिंग की गलती हो रही है. इस बारे में सभी पहलुओं को देखा जा रहा है. इससे पहले भी कई अधिसूचनाओं में गलतियां होती रही हैं.
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Source: IOCL























