Himachal: हिमाचल में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का खतरा, सूअरों की खरीद-बिक्री पर बैन
Himachal African Swine Flu: हिमाचल प्रदेश में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का खतरा ,पशुपालन विभाग ने लगाए कड़े प्रतिबंध. फ्लू की पुष्टि के बाद पुरे राज्य भर में सुअरों की आवाजाही पर रोक, अलर्ट जारी.

Himachal African Swine Flu News: हिमाचल प्रदेश में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद के पशुपालन विभाग ने राज्य में सूअरों की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. एक अधिकारी ने को यह जानकारी दी.
हाल ही में बिलासपुर के झंडूता उपमंडल की कोलका पंचायत में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से संक्रमण का मामला सामने आने के बाद ये आदेश जारी किए गए.
सूअर पालन केंद्र में 40 में से 36 सूअरों की मौत
इस संक्रमण के कारण एक सूअर पालन केंद्र में 40 में से 36 सूअरों की मौत हो गई थी, जबकि चार को विभाग ने नियमानुसार मार दिया था. पशुपालन विभाग ने सूअर पालन केंद्र को खाली कराकर सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं 3 से 6 महीने तक सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया चलेगी. इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है. पशुपान विभाग ने सूअरों की खरीद और बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है.
विभाग ने सूअर पालन को लेकर सख्त कदम उठाए हैं. अधिकारी ने बताया कि पशु औषधालय दसलेहरा के अंतर्गत आने वाले इस फार्म में कुल 40 सूअर पाले गए थे.
क्या है अफ्रीकी स्वाइन फ्लू?
दरअसल यह पालतू और जंगली सूअरों में होने वाला बुखार है, जो ऐजफारविरिडाई नाम के वायरस से फैलता है. इसके प्रभाव में सूअरों को बुखार, घाव, नब्ज और हृदय गति का बढ़ना, मतली आना, खूनी दस्त, कान और थूथन के लाल होने जैसी समस्याएं देखने को मिली हैं. उनमें इस बीमारी के लक्षण दिखने का समय पांच से 15 दिन है, जिसके चलते सामान्यतः सूअरों की मौत हो जाती है. जानकारों के मुताबिक, एक बार फैलने के बाद इस बीमारी को जड़ से खत्म करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, अफ्रीकी स्वाइन फ्लू वायरस या एएसएफवी का इंसानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
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Source: IOCL






















