हिमाचल: 20 मार्च को पिटारा खोलेंगे सीएम सुक्खू, RDG कटौती के बीच पेश होगा राज्य का बजट
Himachal Pradesh Budget 2026: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बार अपनी पुरानी परंपरा को बदलते हुए 20 मार्च को प्रदेश का बजट पेश करेंगे.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 20 मार्च को बजट पेश करेंगे. इस बार राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में कटौती राज्य की वित्तीय सेहत के लिए बड़ी चुनौती है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण को लेकर बिगुल बज गया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बार अपनी पुरानी परंपरा को बदलते हुए 20 मार्च को प्रदेश का बजट पेश करेंगे. सत्ता संभालने के बाद पिछले तीन वर्षों से वे लगातार 17 मार्च को बजट पेश करते आ रहे थे, लेकिन इस बार इसमें बदलाव किया गया है. विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बजट सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से शुरू होगा.
- 18 मार्च: सत्र के दूसरे चरण का आगाज.
- 19 मार्च: राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और मुख्यमंत्री का धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब.
- 20 मार्च: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट प्रस्तुति.
- 23, 24 और 25 मार्च: बजट प्रस्तावों पर सदन में विस्तृत चर्चा.
- 30 मार्च: बजट का पारित होना.
- 02 अप्रैल: बजट सत्र का समापन
RDG में कटौती: हिमाचल की वित्तीय सेहत पर संकट
इस बार के बजट में सबसे बड़ा मुद्दा राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant - RDG) रहने वाला है. फाइनेंस कमीशन द्वारा RDG में की गई कटौती और इसके बंद होने की संभावनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. चूंकि हिमाचल के बजट ढांचे में RDG का एक बड़ा हिस्सा रहता है, इसलिए इस कटौती का सीधा असर प्रदेश की विकास योजनाओं और वित्तीय स्थिति पर पड़ना तय है.
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सत्र का गणित और बैठकों का ब्यौरा
बजट सत्र के इस दूसरे चरण में कुल 13 बैठकें होंगी. 18 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तीन दिनों का अवकाश भी रहेगा. इससे पहले हुए प्रथम चरण में 3 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें RDG बंद करने का मुद्दा प्रमुखता से उठा था. पूरे बजट सत्र में कुल मिलाकर 16 बैठकें आयोजित की जाएंगी. नियमों के अनुसार, हिमाचल विधानसभा में एक साल में कुल 35 बैठकों का प्रावधान है, जिसे आगामी मानसून और शीतकालीन सत्रों के जरिए पूरा किया जाएगा.
सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार के आसार
एक महीने के अंतराल के बाद शुरू हो रहे इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने की उम्मीद है. विपक्ष जहाँ वित्तीय प्रबंधन और RDG के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार अपने बजट के जरिए नई जनकल्याणकारी योजनाओं का रोडमैप पेश करेगी.
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Source: IOCL
























