हरियाणा में कई मांगों को लेकर सफाईकर्मियों का प्रदर्शन, सड़क पर फेंका कूड़ा
Panipat News In hindi: हरियाणा के पानीपत में हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए संविधान चौक की सड़क पर कूड़ा डाल दिया. इससे जीटी रोड पर भारी जाम लग गया. 18 अगस्त तक हड़ताल जारी रहेगी.

हरियाणा में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है. सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले इन कर्मचारियों ने अपनी प्रदेशव्यापी हड़ताल को 18 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. इसी कड़ी में सोमवार (17 अगस्त) को पानीपत में कर्मचारियों ने अपना विरोध जताने के लिए एक बेहद अनोखा और उग्र तरीका अपनाया, जिसका सीधा असर आम जनता और यातायात व्यवस्था पर पड़ा.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार (17 अगस्त) को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकजुट हुए. विरोध प्रदर्शन करते हुए ये कर्मचारी कूड़े से भरा एक बड़ा डंपर लेकर सीधे पानीपत के संविधान चौक पहुंच गए. सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोशित कर्मचारियों ने डंपर में भरा सारा कूड़ा बीच सड़क पर उड़ेल दिया. देखते ही देखते मुख्य सड़क पर कूड़े का विशाल ढेर लग गया और पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई. मुख्य मार्ग पर कूड़ा फैलने की वजह से हमेशा व्यस्त रहने वाले जीटी रोड (GT Road) पर वाहनों की रफ्तार थम गई और भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई. इस वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारु करवाया. इसके बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़ गए.
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18 अगस्त को मनाएंगे ‘विश्वासघात दिवस’
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और संघ के नेताओं का स्पष्ट कहना है कि 13 मई 2026 को सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था. लेकिन, कई महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने उस समझौते को अब तक धरातल पर लागू नहीं किया है. सरकार की इसी वादाखिलाफी के विरोध में कर्मचारी बीते 6 अगस्त से लगातार हड़ताल पर बैठे हैं. अब इस हड़ताल को 18 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वे 18 अगस्त को पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएंगे.
क्या हैं सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
इस हड़ताल और उग्र प्रदर्शन के पीछे कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगें शामिल हैं. इनमें सबसे अहम मांग वर्षों से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करना और खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करना है. इसके अलावा, कर्मचारी 13 मई के समझौते को तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग कर रहे हैं. आर्थिक सुरक्षा को लेकर उनकी मांग है कि उन्हें न्यूनतम वेतन 15,200 रुपये और साथ ही 5,000 रुपये का जोखिम भत्ता (Risk Allowance) दिया जाए. इसके साथ ही, गुरुग्राम नगर निगम से निकाले गए 3,480 कर्मचारियों की तत्काल बहाली और प्रदेश भर में नगर निकायों के निजीकरण (Privatization) पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है.
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