Gurugram News: साइबर सिटी में बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर, छापे में प्रतिबंधित सिरप बरामद
Gurugram News In Hindi: गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोलर विभाग ने ओम मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध MTP किट और प्रतिबंधित नशीले सिरप जब्त किए. स्टोर बिना लाइसेंस के चल रहा था.

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोलर विभाग ने 'कोख के कातिलों' और नशीली दवाओं के अवैध धंधे पर कड़ा प्रहार किया है. गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने झाड़सा रोड स्थित 'ओम मेडिकल स्टोर' पर औचक छापेमारी की. इस बड़ी कार्रवाई के दौरान स्टोर से भारी मात्रा में अवैध MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट और नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित सिरप बरामद किए गए हैं.
रेड के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह मेडिकल स्टोर बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से दवाइयां बेच रहा था. जब ड्रग विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद स्टोर संचालक से बरामद MTP किट और अन्य प्रतिबंधित दवाओं के बिल व रिकॉर्ड के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. उसके पास दवाओं की खरीद-फरोख्त से जुड़े कोई भी आवश्यक दस्तावेज मौजूद नहीं थे.
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा विभाग
गुरुग्राम के ड्रग कंट्रोलर अधिकारी मुकेश कुमार ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि स्टोर से भारी संख्या में MTP किट और नशीले सिरप जब्त किए गए हैं. अब ड्रग विभाग इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है. विभाग की जांच का मुख्य फोकस अब इन अहम सवालों पर है.
इस स्टोर के माध्यम से अब तक कितनी MTP किट बेची जा चुकी हैं? इन प्रतिबंधित किटों को किसे और कहां-कहां सप्लाई किया गया था? भ्रूण हत्या को बढ़ावा देने वाले इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग, दलाल या अस्पताल शामिल हैं?
अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप
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ड्रग्स विभाग ने अपनी कार्रवाई से यह साफ संदेश दे दिया है कि भ्रूण हत्या को बढ़ावा देने वाली दवाओं और नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाले सिरप की अवैध बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
इस छापेमारी के बाद से अवैध रूप से गर्भपात की दवाएं बेचने वाले गिरोहों और बिना लाइसेंस के चल रहे मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है. ड्रग विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवाओं के काले कारोबार को रोकने के लिए भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे.
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