दिल्ली: उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का बदलेगा नाम, जानें अब किस नाम से जाना जाएगा?
Udyog Bhawan Metro Station: दिल्ली के उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेवा तीर्थ भवन मेट्रो स्टेशन रखा जाएगा. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी घोषणा की.

दिल्ली के उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदला जाएगा. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार (13 फरवरी) को इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ भवन मेट्रो स्टेशन रखा जाएगा. नए प्रधानमंत्री कार्यालय के उद्घाटन के दौरान खट्टर ने ये ऐलान किया. उन्होंने कहा कि आज एक पावन पुनीत और पवित्र अवसर है, ये परिवर्तन का अवसर है. हम सभी इस पल के साक्षी बन रहे ,हैं जो सालों में नहीं सदियों में कभी-कभी आता है. हम सबका का सौभाग्य है कि हमें इस दिन का साक्षी बनने का मौका मिला है.
140 करोड़ लोगों को बधाई- खट्टर
खट्टर ने कहा, "मैं 140 करोड़ लोगों को इस अवसर की बधाई देता हूं. ये ना केवल एक सरकारी कार्यालय है, ना ही केवल एक नई सुंदर इमारत है, ये स्थान आपके नेतृत्व में भारत की नई सोच, नई ऊर्जा नए विचार, नए विजन और हमारी भारतीय संस्कृति और संस्कारों का नया प्रतीक है."
विकसित भारत की दिशा में कर रहे काम- केंद्रीय मंत्री
खट्टर ने कर्तव्य भवन-1 और 2 के उद्घाटन के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे ‘विकसित भारत’ की दिशा में काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो नए कर्तव्य भवन-1,2 का उद्घाटन किया और इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया.
नए भवन विकसित भारत की दिशा मील का पत्थर- पीएम
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और केंद्रीय सचिवालय के नए भवन विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं और ये नागरिक-केंद्रित शासन एवं राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. नए प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय की दो इमारतों का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इन इमारतों का निर्माण भारत के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया गया है.
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है जबकि केंद्रीय सचिवालय की दो इमारतों को ‘कर्तव्य भवन’ 1 और 2 कहा जाएगा. उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और केंद्र सरकार के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “सेवा तीर्थ, कर्तव्य भवन 1 और 2, विकसित भारत की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं. ये नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.”






















