Electric Subsidy: दिल्ली के एलजी और सीएम में खींचतान, अब नए सिरे से छिड़ सकता है 'संग्राम'
Electric Subsidy Delhi: बिजली मंत्री आतिशी ने एक दिन पहले कहा था कि डीईआरसी (DERC) ने इलेक्ट्रिसिटी सब्सिडी (Electric Subsidy ) को लेकर अपनी सलाह वापस ले ली थी.

Delhi Electric Subsidy Controversy: पहले दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन और हाल ही में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच तनातनी जारी है. इसके कम होने की संकेत भी नहीं हैं. इस बीच दिल्ली की इलेक्ट्रिसिटी मिनिस्टर आतिशी की ओर से बिजली सब्सिडी को लेकर जारी बयान से केजरीवाल सरकार और एलजी वीके सक्सेना के बीच नये सिरे से विवाद गहरा सकता है. दिल्ली की बिजली मंत्री ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को बिजली सब्सिडी आगे भी जारी रहेगी. उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद करने हमारी सरकार की कोई योजना नहीं है. ना ही इस योजना में कोई बदलाव होगा. हकीकत यह है कि एलजी कार्यालय इस मामले में गलत सूचना देकर लोगों को भ्रमित कर रहा है.
दिल्ली सरकार में बिजली मंत्री आतिशी ने एक दिन पहले कहा था कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने इलेक्ट्रिसिटी सब्सिडी के संबंध में अपनी सलाह वापस ले ली थी. पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने डीईआरसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर उस समय कहा था कि पूरे मामले की जांच करें और नए सिरे से इस पर अपनी राय दें. ध्यान देने की बात यह है कि डीईआरसी की अंतिम सलाह को 2 साल से अधिक समय बीत चुका है. तत्कालीन बिजली मंत्री सिसोदिया के कहने पर डीईआरसी ने इस मामले पर कानूनी जांच की और 6 जनवरी 2023 को नई राय रखी. डीईआरसी ने बताया था कि दिल्ली विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 86 (2) के मुताबिक आयोग केवल चार मसलों पर सरकार को अपनी सलाह दे सकता है.
LG कार्यालय से अभी तक कोई नोटिंग नहीं मिली
नवनियुक्त बिजली मंत्री आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि सभी दस्तावेज फाइल में हैं. अगर हम इसके बारे में जानते हैं तो दिल्ली के एलजी भी जानते होंगे. इसके बावजूद एलजी ने सरकार को सब्सिडी नीति में बदलाव करने के लिए कैसे कह दिया. वो पहले से ही जानते थे कि सलाह कानूनी रूप से गलत थी. सरकार को इस संदर्भ में एलजी कार्यालय से कोई नोटिंग नहीं मिली है. सिर्फ मीडिया के जरिए इस मुद्दे के बारे में पता चला है. इसके बाद भी यह मसला सुर्खियों में है तो तय हैकि एलजी दिल्ली सरकार के कामकाज में बाधा डालना चाहते हैं.
लोगों का गुमराह कर रहे AAP नेता
दूसरी तरफ एलजी कार्यालय ने इस मसले पर कहा कि इलेक्ट्रिसिटी सब्सिडी के मामले में आप (AAP) नेता और उनके कार्यकर्ता लोगों को गुमराह कर रहे हैं. एलजी ने अपने किसी पत्र में यह सुझाव नहीं दिया है कि बिजली सब्सिडी वापस ली जाए. इसके उलट एलजी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि आप सरकार द्वारा गरीब लोगों के नाम पर निजी डिस्कॉम विशेषकर एक कंपनी को फायदा पहुंचाने और अनुचित वित्तीय लाभ प्रदान करने का काम किया गया है. यह मामला प्रकाश में आने के बाद आप नेता झूठे बयान देने की कोशिश कर रहे हैं. हां, एक बार एलजी ने यह जरूर कहा था कि सब्सिडी सीधे निजी बिजली कंपनियों को देने के बजाय गरीबों को दी जानी चाहिए.
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Source: IOCL






















