पुरानी दिल्ली का हेरिटेज संवारेगी सरकार, ब्लूप्रिंट हुआ तैयार
Delhi News In Hindi: दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के हेरिटेज संरक्षण और आधुनिक विकास के लिए बड़ा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. ट्राम सेवा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा.

दिल्ली सरकार ऐतिहासिक शाहजहानाबाद को आधुनिक सुविधाओं और विरासत संरक्षण के संतुलन के साथ विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार ने पुरानी दिल्ली के लिए एक पुनर्विकास योजना पर काम तेज कर दिया है.
इस योजना में ट्राम सेवा को फिर से शुरू करने की संभावना तलाशने से लेकर सड़कों, ऐतिहासिक इमारतों और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित करने तक कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं. सरकार का कहना है कि विकास ऐसा हो, जिससे पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहे और लोगों को बेहतर सुविधाएं भी मिलें.
सरकार चाहती है कि पुरानी दिल्ली का ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे, लेकिन वहां रहने वाले लोगों और आने वाले पर्यटकों को आधुनिक शहरी सुविधाएं भी मिलें. इसी उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (PWD) को सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को जोड़कर एक समग्र विकास रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है. इसका मकसद यह है कि अलग-अलग विभागों की योजनाएं आपस में न टकराएं और विकास कार्य एक समान मानकों के साथ पूरे किए जा सकें.
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शाहजहानाबाद में फिर दौड़ सकती है ट्राम
इस योजना का सबसे चर्चित प्रस्ताव शाहजहानाबाद क्षेत्र में ट्राम सेवा की संभावित वापसी है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसकी व्यवहारिकता का विस्तृत अध्ययन करें.
अगर योजना व्यवहारिक साबित होती है तो यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प बनेगी, बल्कि पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को भी नई मजबूती मिल सकती है. ट्राम की वापसी से इलाके में पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सरकार, शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) क्षेत्र की सभी सड़कों को PWD के अधीन लाने पर भी विचार कर रही है. इसके पीछे उद्देश्य यह है कि सड़क निर्माण, मरम्मत और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित हो और परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जा सके. इससे अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल भी बेहतर होगा.
कई अहम परियोजनाओं की हुई समीक्षा
15 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक में एसपी मुखर्जी मार्ग के सुधार, दंगल मैदान पार्किंग, प्रमुख मार्गों और गलियों के पुनर्विकास, चांदनी चौक की ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और जामा मस्जिद क्षेत्र के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई. सरकार चाहती है कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए.
सरकार का लक्ष्य है कि जहां संभव हो, वहां सड़क, बिजली, भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, पैदल मार्ग और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य एक साथ पूरे किए जाएं. इससे बार-बार खुदाई की समस्या कम होगी, समय की बचत होगी और पूरे इलाके में एक समान विकास का स्वरूप दिखाई देगा. इससे स्थानीय लोगों और कारोबारियों को भी कम परेशानी होगी.
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा बढ़ावा
योजना में केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण, पैदल यात्रियों के लिए बेहतर रास्ते और आकर्षक सार्वजनिक स्थान विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा.
SRDC को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में मौजूद अनुपयोगी संपत्तियों की पहचान करे. इन स्थानों का उपयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत कैफे, फूड आउटलेट, पर्यटक सुविधा केंद्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जा सकता है. इससे इलाके में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
अगले महीने होगी फिर समीक्षा
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े सलाहकारों को विस्तृत कार्ययोजना और लागत का संशोधित प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है. साथ ही बिजली विभाग से उन इलाकों की जानकारी भी जुटाई जाएगी, जहां भूमिगत विद्युत लाइन से जुड़े कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, ताकि आगामी परियोजनाओं की योजना उसी के अनुरूप बनाई जा सके.
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जब तक सभी सड़कें औपचारिक रूप से PWD को हस्तांतरित नहीं हो जातीं, तब तक विभाग एक समर्पित टीम बनाकर SRDC की परियोजनाओं की निगरानी करेगा. इससे विकास कार्यों की गति बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी.
सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास योजना की अगली समीक्षा अगले महीने की जाएगी. यदि प्रस्तावित योजनाओं को अंतिम रूप मिल जाता है, तो आने वाले समय में पुरानी दिल्ली का ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो सकता है.
























