'भारत को पाकिस्तान से सीखना चाहिए कि...' मिडिल ईस्ट की जंग पर अवध ओझा की दो टूक
Iran War: आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और मशहूर यूपीएससी कोच अवध ओझा ने तीखा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के जैसी मजबूत और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी.

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग में भारत की विदेश नीति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, इस बीच अब आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और मशहूर यूपीएससी कोच अवध ओझा ने तीखा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के जैसी मजबूत और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी. इसके लिए उन्होंने पूर्व में नेहरु कालीन परिस्थितियों का हवाला दिया.
अवध ओझा कहते हैं, "हमें वही करना चाहिए था जो पाकिस्तान अभी कर रहा है. हमें एक मज़बूत भूमिका निभानी चाहिए थी. उदाहरण के लिए, नेहरू के समय में, गुटनिरपेक्ष आंदोलन की शुरुआत हुई थी. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया मुश्किल में थे. जहां भी कोई संकट आता था, हम अपनी आवाज़ उठाते थे. हम डटकर खड़े होते थे. दुनिया हमारी आवाज़ और हमारे अस्तित्व को सुनती थी.”
अवध ओझा के बयान का तर्क
मौजूदा परिस्थितियों में अवध ओझा सरकार की विदेश नीति से बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं, उनके मुताबिक भारत सरकार को मजबूत कदम उठाने चाहिए थे, जोकि आज पकिस्तान कर रहा है. भारत कभी तटस्थ देशों का अगुआ रहा और अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभाता रहा. इससे पहले भी खाड़ी और पश्चिम एशिया के संकट आए भारत ने अपने हितों को साधने के साथ हमेशा शांति और वार्ता की बात कही. फिलहाल अभी ओझा के बयान पर सरकार या सत्ता पक्ष से कीस का बयान नहीं आया है.
विपक्ष भी सरकार को घेर रहा
यहां बता दें कि मौजूदा खाड़ी युद्ध के चलते देश में ऊर्जा संकट को लेकर विपक्ष भी मोदी सरकार पर हमलावर है. आरोप है कि अमेरिकी और इजरायल के दबाब में भारत सरकार ने ईरान के मामले में काफी देर की. जिसका खामियाजा अब देशवासी भुगत रहे हैं. देश में एलपीजी की किल्लत की खबरें लगातार आ रहीं हैं और पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं. कमर्शियल सिलेंडर पर भी अलग-अलग तारीखों में दाम बढे.
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