ऋषिकेश सुसाइड केस अपडेट: IIT दिल्ली में देर रात छात्रों का फ्लैश मार्च
IIT दिल्ली में मृतक ऋषिकेश को न्याय दिलाने के लिए गुरुवार (27 अगस्त) की देर रात छात्रों ने फ्लैश मार्च निकाला है. इस दौरान 'शर्म करो-शर्म करो' के नारे लगे हैं.

दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में छात्र ऋषिकेश के सुसाइड का मामला तूल पकड़ चुका है. मामले में कॉलेज के अन्य छात्र ऋषिकेश के परिवार का न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच IIT दिल्ली में सैकड़ों छात्रों ने ऋषिकेश के परिवार को न्याय दिलाने के लिए गुरुवार (28 अगस्त) की देर रात फ्लैश मार्च निकाला है.
इस दौरान छात्रों ने आईआईटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है. छात्रों ने 'शर्म करो-शर्म करो' के नारे लगाए हैं. छात्रों का प्रदर्शन पाचवें दिन भी जारी है. प्रदर्शन कर रहे छात्र स्वतंत्र जांच, जिम्मेदारी तय करने और परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. साथ ही मृतक ऋषिकेश की मां द्वारा स्टाफ और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच होनी चाहिए.
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जांच के लिए बाहरी समिति का पुनर्गठन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-दिल्ली ने एक छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित बाहरी जांच समिति का पुनर्गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता करेंगी.
यह घटनाक्रम जांच समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार द्वारा व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए समिति से खुद को अलग करने के एक दिन बाद हुआ है. वहीं अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि एक नई समिति का गठन किया गया है. न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता इसकी अध्यक्ष हैं.
इसके अन्य सदस्यों में एम्स-नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शरण शामिल हैं. इसके अलावा, दो छात्र प्रतिनिधि और आईआईटी-दिल्ली के रजिस्ट्रार भी बाहरी जांच समिति का हिस्सा होंगे. आईआईटी-दिल्ली ने मंगलवार को एमएससी भौतिकी के 31 वर्षीय छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था.
22 अगस्त को छात्र ने बिल्डिंग से कूदकर दी जान
छात्र ने 22 अगस्त को संस्थान के परिसर में एक इमारत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. यह घटनाक्रम आक्रोशित छात्रों द्वारा परिसर में प्रदर्शन किए जाने के बाद सामने आया, जिसके चलते प्रशासन ने सोमवार को कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.
मामले की प्रारंभिक जांच के अनुसार, 22 अगस्त को छात्र सुबह करीब आठ बजे मुख्य गेट से आईआईटी-दिल्ली परिसर में दाखिल हुआ और उसके बाद लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया, जहां उसने लिफ्ट से छठी मंजिल तक की दूरी तय की. उसने इमारत के सामने की ओर से कथित तौर पर छलांग लगा दी. छात्र को आनन-फानन में संस्थान के परिसर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
IIT दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन जारी, ऋषिकेश मामले में जांच की मांग





















