'मैं मदद के लिए चिल्लाने लगी', हुमायूं मकबरे में हुए हादसे की चश्मदीद ने क्या बताया?
Humayun Tomb News: हादसे के चश्मदीद विशाल कुमार ने बताया कि उन्होंने आठ से नौ लोगों को बताया है. डीएम ने बताया कि यहां एक मौलवी ताबीज बनाने का काम करते थे.

स्वतंत्रता दिवस की शाम दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन दरगाह इलाके में स्थिति हुमायूं के मकबरे में हादसा हो गया. मकबरे के परिसर में स्थित फतेह शाह दरगाह का एक हिस्सा गिर गया. इस हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीएम डॉ श्रवण बागरिया ने कहा कि इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है. लोगों के यहां इकट्ठा होने पर डीएम ने कहा कि पता चल रहा है कि यहां पर एक मौलवी साहब रहते थे, उनके पास लोग ताबीज बनवाने आते थे. डीएम ने कहा कि इस मामले में लीगल कार्रवाई होगी. चश्मदीदों का बयान भी सामने आया है.
धीरे-धीरे हमने फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला- चश्मदीद
एक प्रत्यक्षदर्शी विशाल कुमार ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘‘मैं हुमायूं मकबरे पर काम करता हूं. जब हमने शोर सुना, तो मेरा सुपरवाइजर दौड़कर आया. हमने लोगों और प्रशासन को बुलाया. धीरे-धीरे हमने फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला.’’

इमाम भी घायलों में शामिल- चश्मदीद
विशाल ने कहा, ‘‘वहां कम से कम 10 से 12 लोग थे. इमाम भी वहां थे और वे भी घायलों में शामिल हैं. मैंने कम से कम आठ से नौ लोगों को बचाया है.’’
मैं अंदर जाने वाली ही थी कि दीवार ढह गई- महिला
एक महिला चश्मदीद ने कहा, ‘‘मैं बाहर खड़ी थी और कमरे में प्रवेश करने ही वाली थी कि उससे बस दो कदम की दूरी पर थी. जैसे ही बारिश शुरू हुई, सभी लोग शरण लेने के लिए अंदर चले गए.’’ उन्होंने बताया, ‘‘तभी दीवार ढह गई. इसके बाद मैंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया, लेकिन आसपास कोई नहीं था. मैं चिल्लाती रही और फिर आस-पास के कुछ लोग आए और अंदर फंसे सभी लोगों को बचाने में हमारी मदद की.’’
हादसे से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीएफएस) के एक सीनियर अधिकारी ने शुरू में कहा था कि मकबरे के गुंबद के एक हिस्से के ढहने के बारे में एक सूचना प्राप्त हुई थी.
- जिस जगह हादसा हुआ वहां पुलिस ने घेराबंदी कर दी.
- एनडीआरएफ भी बचाव कार्य में शामिल हुआ.
- पीटीआई के मुताबिक, ज्वाइंट कमिश्नर संजय कुमार जैन ने बताया कि लोग शुक्रवार की नमाज के लिए दरगाह पर आए थे और जब यह घटना घटी तब बारिश के कारण वे कमरे के अंदर बैठे थे.
- कुछ हिस्सा हुमायूं के मकबरे की दीवारों पर भी गिरा.
हुमायूं के मकबरे को कोई नुकसान नहीं- वास्तुकार
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हुमायूं का मकबरा राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है और इसे देखने प्रतिदिन सैकड़ों घरेलू और विदेशी पर्यटक आते हैं.हुमायूं के मकबरे के जीर्णोद्धार में शामिल संगठन, ‘आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर’ (एकेटीसी) के संरक्षण वास्तुकार रतीश नंदा ने कहा, "हुमायूं के मकबरे को कोई नुकसान नहीं हुआ है. हुमायूं के मकबरे के निकट एक नया ढांचा बनाया जा रहा था, इसका एक हिस्सा ढह गया है."
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Source: IOCL





















