'बड़े अस्पतालों में दवाएं तक नहीं, डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल', देवेंद्र यादव का BJP पर हमला
Devendra Yadav News: देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राजधानी में हर दिन 20 नवजात शिशुओं की मौत हो रही है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को उजागर करता है.

Delhi Politics: विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बीजेपी की डबल इंजन सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले 12 सालों से न तो पिछली केजरीवाल सरकार और न ही मौजूदा बीजेपी सरकार लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब हुई है. यादव ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि दिल्ली में हर दिन 20 नवजात शिशुओं की मौत हो रही है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को उजागर करता है.
'7439 नवजात शिशुओं की मौत, बढ़ती मृत्यु दर चिंताजनक'
देवेंद्र यादव ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साल 2023 में दिल्ली में 7439 नवजात शिशुओं की मौत हुई, जिसमें 4439 लड़के और 2995 लड़कियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इनमें से 7419 मौतें अस्पतालों में हुईं, जो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. यादव ने कहा, "कुपोषण, निमोनिया, सेप्टिसीमिया और एनआईसीयू की कमी इसके प्रमुख कारण हैं. सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सिजेरियन सर्जरी, आउटबॉर्न एनआईसीयू और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट तक नहीं हैं. दवाइयों की कमी के चलते गरीब मां और शिशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पाता.
'अमेरिका से तुलना और हकीकत का फासला'
यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए अमेरिका से तुलना करती है, लेकिन स्वास्थ्य के मामले में हालात भयावह हैं. "अमेरिका में प्रति 1000 जीवित जन्म पर 5-6 नवजात शिशुओं की मौत होती है, जबकि दिल्ली में यह दर कहीं ज्यादा है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था का ध्वस्त होना बीजेपी की सबसे बड़ी नाकामी है."
'चार साल में हालात बद से बदतर'
कांग्रेस नेता ने पिछले चार सालों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर लगातार बढ़ रही है. 2020 में 6145 मौतें (20.37%), 2021 में 6413 मौतें (23.60%), 2022 में 7155 मौतें (23.82%) और 2023 में 7439 मौतें (23.61%) दर्ज की गईं. उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य बजट बढ़ाने के दावों के बावजूद हालात क्यों नहीं सुधर रहे?
'बड़े अस्पतालों में दवाएं तक नहीं'
यादव ने आरोप लगाते हुए कहा, "दिल्ली कैंसर अस्पताल में 178 जरूरी दवाओं में से 100 से ज्यादा स्टॉक में नहीं हैं. कैंसर मरीजों के लिए 20-30 हजार की दवाएं भी नहीं मिलतीं. आयुष्मान योजना का ढोल पीटने वाली बीजेपी पहले दिल्ली के अस्पतालों को दुरुस्त करे." उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन में हर बीमारी का इलाज मुफ्त था, लेकिन अब मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं.
'डबल इंजन का दावा खोखला'
देवेंद्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की बदहाली पर पिछली सरकार की नाकामियों को उजागर करने वाली बीजेपी ने खुद कोई सुधार नहीं किया. डबल इंजन की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने में पूरी तरह विफल रही है. यह दिल्ली के लोगों के साथ धोखा है.
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