Delhi News: 400 करोड़ से बदलेगी दिल्ली के चिड़ियाघर की तस्वीर, अब कांच के पार से बेहद करीब दिखेंगे वन्यजीव
Delhi News In Hindi: दिल्ली के जू में 400 करोड़ की लागत से हो रहे इस मेगा प्रोजेक्ट में नए ग्लास एनक्लोजर, आधुनिक रेप्टाइल हाउस, हाईटेक मेडिकल सेंटर और बेहतर पार्किंग जैसी बेहतरीन सुविधाएं शामिल हैं.

दिल्ली घूमने आने वाले लोगों के लिए जल्द ही चिड़ियाघर का अनुभव पहले जैसा नहीं रहेगा. राष्ट्रीय राजधानी के चिड़ियाघर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो चुका है. इस बदलाव के बाद कई वन्यजीवों को पर्यटक केवल मजबूत कांच की दीवार के पार से बेहद करीब से देख सकेंगे. केंद्र सरकार की 400 करोड़ रुपये की मंजूर परियोजना के तहत पूरे परिसर को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा.
अब पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक होगा जू का सफर
नई योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य विजिटर्स के अनुभव को पूरी तरह बदलना है. अभी चिड़ियाघर के एरिना में दर्शक कई वन्यजीवों को काफी दूरी से देखते हैं, लेकिन नए डिजाइन के बाद कई एनक्लोजर ऐसे तैयार किए जाएंगे, जहां लोगों और वन्यजीवों के बीच केवल मजबूत ग्लास बैरियर होगा. इससे जानवरों को बेहद करीब से देखने का रोमांच मिलेगा, वहीं उनकी सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर हथियार के साथ पकड़े 2 युवक, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद
मंजूरी के बाद जमीन पर उतरी परियोजना
इस महत्वाकांक्षी योजना को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पहले ही 400 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे चुका है. अब केंद्र सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (DIB) से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है. अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (PMC) से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए बाड़ों और अन्य संरचनाओं का निर्माण तेज गति से आगे बढ़ेगा.
रेप्टाइल हाउस में दिखेगी सरीसृपों की नई दुनिया
इस मेगा प्रोजेक्ट में एक नया और आधुनिक रेप्टाइल हाउस भी बनाया जाएगा. यहां विभिन्न प्रजाति के सांप, मगरमच्छ और अन्य सरीसृपों के लिए वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप आवास विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा वन्यजीवों के नाइट शेल्टर भी नए स्वरूप में तैयार किए जाएंगे ताकि उन्हें अधिक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके. फिलहाल चिड़ियाघर में 72 बाड़ों में विभिन्न वन्यजीव रखे गए हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा.
वन्यजीवों के इलाज के लिए तैयार होगा हाईटेक मेडिकल सेंटर
पुनर्विकास योजना केवल दर्शकों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी. वन्यजीवों की स्वास्थ्य सेवाओं को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा. मौजूदा अस्पताल का विस्तार कर लगभग दो एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक हॉस्पिटल विकसित किया जाएगा. इसमें ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक लैब, पोस्टमार्टम रूम और नवजात वन्यजीवों की देखभाल के लिए विशेष वार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
रेस्क्यू और संरक्षण को भी मिलेगी नई ताकत
परियोजना के तहत करीब चार एकड़ क्षेत्र में आधुनिक रेस्क्यू सेंटर विकसित किया जाएगा, जहां घायल, बीमार या बचाए गए वन्यजीवों की देखभाल और पुनर्वास किया जा सकेगा. इसके साथ एक एजुकेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण से जुड़ी जानकारी इंटरैक्टिव तरीके से लोगों तक पहुंचाई जाएगी.
एंट्री से पार्किंग तक बदलेगा पूरा परिसर
अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना के इस चरण के पूरा होने के बाद 'वेलकम जू गेट' परिसर का भी व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा. यहां आने वाले लोगों की सुविधा के लिए आधुनिक पिक-एंड-ड्रॉप जोन, सरफेस पार्किंग और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी. इससे भीड़भाड़ वाले दिनों में भी आगंतुकों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक हो सकेगी.
राजधानी को मिलेगा विश्वस्तरीय जू का नया स्वरूप
पूरी परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली चिड़ियाघर केवल वन्यजीवों को देखने का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि यह आधुनिक संरक्षण, उन्नत पशु चिकित्सा सुविधाओं और विश्वस्तरीय विजिटर एक्सपीरियंस का नया केंद्र बनकर उभरेगा. इससे राजधानी आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी पहले से कहीं अधिक यादगार और रोमांचक जू विजिट का अनुभव मिलेगा.
1 जुलाई से लागू हुई दिल्ली EV Policy 2026, जानिए कितनी मिलेगी सब्सिडी और स्क्रैपिंग इंसेंटिव?

























