दिल्ली में हाड़ कंपाने वाली सर्दी, 2024 के बाद सबसे ठंडी जनवरी! AQI की भी हालत खराब
Delhi Weather News: दिल्ली में शुक्रवार (9 जनवरी) को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और जो सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा.

दिल्ली में सर्दी का सितम जारी है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 2024 के बाद शुक्रवार (9 जनवरी) को दिल्ली में जनवरी की सबसे ठंडी सुबह रही. इस सर्दी में तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. राजधानी में अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री ज़्यादा था. तापमान से पता चलता है कि रात में ज़्यादा ठंड होने और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के बावजूद दिन का मौसम लगभग सामान्य रहा. न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा जिसकी वजह से सुबह सबसे ज्यादा ठंड रहा.
कितना रहा न्यूनतम तापमान
सफदरजंग में अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस, आयानगर में 19.0 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 18.8 डिग्री सेल्सियस और रिज स्टेशन ने 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया. पालम वेदर स्टेशन ने सबसे कम 17.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया. न्यूनतम तापमान की बात करें तो सफदरजंग ने 4.6 डिग्री सेल्सियस, पालम ने 5 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड ने 5.2 डिग्री सेल्सियस और रिज ने 5.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया. मौसम विभाग ने कहा कि ज्यादातर जगहों पर घना कोहरा रहा जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया.
अभी बनी रहेगी शीतलहर की स्थिति- मौसम विभाग
आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी हालांकि अभी तक गंभीर शीतलहर का कोई अनुमान नहीं है. इस बीच दिल्ली का एयर क्वालिटी बहुत खराब रहा. 24 घंटे में औसत एक्यूआई 345 रहा. 29 मॉनिटरिंग स्टेशन ने बहुत खराब एयर क्वालिटी रिकॉर्ड किया. एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, 10 जनवरी को दिल्ली की एयर क्वालिटी बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है. 11 जनवरी और 12 जनवरी को इसमें सुधार की गुंजाइश और इसके खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है.
बिजली की डिमांड ने 5 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा
दिल्ली में शुक्रवार (9 जनवरी) को सर्दियों के मौसम की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग 6,087 मेगावाट दर्ज की गई. बीएसईए ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10.39 बजे बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जिसने पिछले पांच सालों की सर्दियों की अधिकतम मांग 5655 मेगावाट को पीछे छोड़ दिया.
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Source: IOCL























