Delhi News: प्रगति मैदान अंडरपास-5 को मिली मंजूरी, दिसंबर 2026 तक ITO को जाम से मिलेगी राहत
Delhi Traffic Update: दिल्ली के ITO-प्रगति मैदान को जाम से राहत मिलेगी. अंडरपास-5 को मंजूरी, काम शुरू. दिसंबर 2026 तक पूरा होने पर नोएडा-गाजियाबाद के यात्रियों को फायदा होगा.

दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल आईटीओ और प्रगति मैदान के आसपास रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने की संभावना बन गई है. लंबे समय से अटके प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर के अंडरपास-5 को आखिरकार जरूरी मंजूरी मिल गई है, जिससे निर्माण कार्य दोबारा पटरी पर लौट आया है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
यह अंडरपास पूरे कॉरिडोर का आखिरी अहम हिस्सा है, जबकि बाकी हिस्सों को 2022 में ही चालू कर दिया गया था. इनमें 1.3 किलोमीटर लंबी मुख्य सुरंग और पांच अंडरपास शामिल थे, जिनका मकसद रिंग रोड, भैरों मार्ग और मथुरा रोड के बीच यातायात को सुचारू बनाना था. इसके बावजूद आईटीओ और इंडिया गेट के आसपास जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे यह अंतिम हिस्सा बेहद जरूरी हो गया था.
तकनीकी समस्याएं बनी थी बाधाएं
रेलवे ट्रैक के नीचे बनने वाले इस अंडरपास को कई जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ा. जमीन धंसने, पानी भरने और संरचनात्मक दिक्कतों के कारण काम बार-बार रुकता रहा. अगस्त 2025 में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने संशोधित योजना को मंजूरी दी, जिसमें जमीन को मजबूत करने, रेलवे ट्रैक के नीचे संरचना को सुरक्षित बनाने और निर्माण प्रक्रिया में बदलाव जैसे उपाय शामिल किए गए.
मंत्रालय की स्वीकृति के बावजूद परियोजना रेलवे की मंजूरी के अभाव में अटकी हुई थी. अब एनओसी मिलने के बाद वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है और निर्माण कार्य फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है.
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि इस परियोजना को लंबे समय से समन्वय की कमी और मंजूरियों में देरी के कारण नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि अब सभी एजेंसियों के बीच तालमेल बनाकर काम को गति दी जाएगी और तय समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जाएगा.
हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा
अंडरपास के पूरा होने के बाद भैरों मार्ग और आईटीओ के आसपास ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है. इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से आने-जाने वाले लोगों का सफर आसान और तेज होगा. साथ ही, प्रगति मैदान में बड़े आयोजनों के दौरान भी यातायात बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा.
अधिकारियों के अनुसार, अब परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी और काम की नियमित निगरानी के साथ गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाएगा. लंबे समय से जाम झेल रहे दिल्लीवासियों के लिए यह परियोजना राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है.
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Source: IOCL


























