दिल्ली पुलिस ने साल 1991 का मर्डर केस 2026 में सुलझाया, 35 साल बाद हत्या का आरोपी गिरफ्तार
Delhi Murder: पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे लगता था कि उसकी मकान मालकिन के पास काफी पैसा है, क्योंकि उसका पति विदेश में रहता था. इसी लालच में उसने वारदात को अंजाम दिया.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 35 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्या मामले को सुलझाते हुए फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार पकड़ लिया है. यह मामला साल 1991 का है. जिसमें एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उनके बेटे पर भी जानलेवा हमला किया गया था.
2 अगस्त 1991 को थाना त्रिलोकपुरी में एक पीसीआर कॉल आई थी कि वेस्ट विनोद नगर इलाके में किसी महिला पर चाकू से हमला हुआ है. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो करीब 55 साल की महिला गंभीर हालत में मिली जिनकी गर्दन पर कई वार किए गए थे. वहीं उनका बेटा भी चेहरे पर चोटों के साथ घायल पड़ा था. दोनों को तुरंत एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. जबकि बेटा बच गया.
जांच में क्या सामने आया
पुलिस जांच में पता चला कि इस वारदात को घर में रहने वाले किरायेदार छवि लाल वर्मा ने अंजाम दिया था. उसने लूट के इरादे से रात में घर में घुसकर महिला और उनके बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया था. घटना के बाद वह फरार हो गया और साल 1996 में उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया.
6 महीने की लगातार जांच पर हुई कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल की टीम ने पिछले 6 महीनों से इस मामले पर लगातार काम किया. पुलिस ने आरोपी के उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित गांव और उसके रिश्तेदारों के यहां कई बार छानबीन की. आखिरकार पुख्ता जानकारी मिलने पर आरोपी की लोकेशन पंजाब के लुधियाना में मिली. 10 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर स्थानीय जांच और निगरानी के बाद आरोपी को दबोच लिया.
आरोपी की चालाकी भी नहीं आई काम
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे लगता था कि उसकी मकान मालकिन के पास काफी पैसा है, क्योंकि उसका पति विदेश में रहता था. इसी लालच में उसने वारदात को अंजाम दिया. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह 35 साल तक कोलकाता, मुंबई, नागपुर, गोवा और पंजाब जैसे शहरों में छिपता रहा. यहां तक कि वह अपने घर भी नहीं गया और बच्चों की शादी जैसे कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुआ. आरोपी छवि लाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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Source: IOCL


























