Delhi AIIMS में दो साल बाद डॉक्टरों को मिली गर्मी की छुट्टी, 2 महीने तक हो सकती है मरीजों को परेशानी
Delhi AIIMS: साल 2020 में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद दिल्ली के एम्स के डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं. इस बार कोरोना के केस कम होने की वजह से डॉक्टरों को छुट्टी देने का फैसला किया गया है
Delhi News: दिल्ली (Delhi) के एम्स (AIIMS) में इलाज कराने वाले मरीजों को आने वाले दो महीनों तक परेशानी हो सकती है. दरअसल कोरोना महामारी की वजह से दो साल बाद एम्स में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने जो रही हैं. ये छुट्टियां सोमवार से शुरू होंगी. ऐसे में अगले दो महीने तक फैकल्टी स्तर के 50-50 प्रतिशत डॉक्टर एक-एक महीने के अवकाश पर रहेंगे. इस दौरान 50 प्रतिशत डॉक्टर ही ड्यूटी पर मौजूद होंगे. गौरतलब है कि एम्स में पहले से ही फैकल्टी स्तर के डॉक्टरों की कमी है.
इस बीच मरीजों के इलाज का दारोमदार रेजिडेंट डॉक्टरों पर होगा, जिसकी वजह से मरीजों का इलाज प्रभावित हो सकता है. एम्स के एक वरिष्ट डॉक्टर ने बताया कि मरीजों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एम्स प्रशासन ने सभी विभागों को यह निर्देश दिया है कि एक बार में 50 प्रतिशत से अधिक डॉक्टरों को अवकाश नहीं मिलना चाहिए. 50 प्रतिशत डॉक्टर हर हाल में मौजूद होने चाहिए. गर्मी में हर साल एम्स में फैकल्टी स्तर के सभी डॉक्टरों को एक-एक महीने का अवकाश मिलता है.
एम्स में फैकल्टी स्तर के हैं कुल 1131 पद
इससे पहले साल 2020 में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं. इस बार कोरोना के केस खास नहीं हैं, जिसको देखते हुए एम्स प्रशासन ने इस बार दो चरणों में डॉक्टरों को छुट्टी देने का फैसला किया है. पहले चरण में 16 मई से 15 जून तक 50 प्रतिशत फैकल्टी को छुट्टी दी जाएगी. इनके लौटने पर बाकी बचे डॉक्टर को दूसरे चरण में 16 जून से 15 जुलाई तक अवकाश मिलेगा. छुट्टी के दौरान मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. एम्स में फैकल्टी स्तर के कुल 1131 पद हैं, जिनमें से 404 पद खाली हैं.
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Source: IOCL






















